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दिल्ली ब्लास्ट केस: अल-फलाह ट्रस्ट पर 16 घंटे की ईडी कार्रवाई

Delhi blast case : दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े कथित फंडिंग नेटवर्क की जांच के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट पर की गई गहन छापेमारी के बाद बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। ईडी की यह कार्रवाई लगभग 16 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सामने आई, जिसमें दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद में ट्रस्ट से जुड़े कई ठिकानों पर छापे डाले गए।

जुड़ी निजी कंपनियों में ट्रांसफर किया

अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट पर आरोप है कि संगठन को मिलने वाले चैरिटी फंड का उपयोग निर्धारित सामाजिक कार्यों में नहीं किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, ट्रस्ट द्वारा प्राप्त राशि को कथित तौर पर जवाद सिद्दीकी और उनके परिवार से जुड़ी निजी कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, जिससे वित्तीय अनियमितताओं का संदेह और गहरा हो गया।

यह मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर पर आधारित है, जिसमें ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों पर कई झूठे दावे करने तथा संस्थान की वैधता को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के गंभीर आरोप लगे हैं। ईडी ने इसी एफआईआर का संज्ञान लेते हुए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जांच शुरू की थी।

ईडी की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन के दौरान मिली जानकारी

ईडी की टीमों ने मंगलवार को सुबह से ही दिल्ली और फरीदाबाद स्थित ट्रस्ट के कार्यालयों, संबंधित कंपनियों और सिद्दीकी के निजी आवासों पर छापेमारी की। यह छापेमारी रात तक जारी रही, जिसमें कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूत प्राप्त हुए।

जांच एजेंसी का कहना है कि ट्रस्ट को मिलने वाले डोनेशन और ग्रांट के माध्यम से भारी मात्रा में फंड एकत्रित किया गया, लेकिन उन फंड्स को ट्रस्ट के सामाजिक उद्देश्यों के विपरीत परिवार की कंपनियों तक मोड़ा गया। यह पूरा प्रक्रिया धन शोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग की श्रेणी में आती है, जिसे लेकर ईडी ने तत्काल कार्रवाई की।

जवाद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी

लंबी पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ईडी ने PMLA की धारा 19 के तहत जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया। यह धारा एजेंसी को यह अधिकार देती है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो उसे तत्काल हिरासत में लिया जा सकता है।

गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर उन्हें ईडी कार्यालय में आगे की पूछताछ के लिए रखा गया। अगले 24 घंटे के भीतर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा, जहां ईडी उनकी कस्टडी की मांग कर सकती है।

परिवार पर बढ़ा जांच का दायरा

ईडी केवल जवाद तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। विशेष रूप से उनकी बहन से भी पूछताछ की तैयारी जारी है, जिनका ट्रस्ट और उससे जुड़े वित्तीय निर्णयों में महत्वपूर्ण योगदान बताया जा रहा है।

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