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ठंडी हवाओं की कमी और सर्द मौसम ने बिगाड़ी राजधानी की एयर क्वालिटी

रविवार का दिन राजधानी दिल्ली के लिए प्रदूषण की दृष्टि से बेहद चिंताजनक रहा। तापमान में गिरावट, हवा की गति में कमी और वातावरण में ठहराव ने मिलकर वायु गुणवत्ता को काफी हद तक प्रभावित किया। परिणामस्वरूप, शहर का समग्र एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) “बहुत खराब” श्रेणी में दर्ज किया गया। हालांकि यह “गंभीर” या “खतरनाक” स्तर से थोड़ा नीचे रहा, लेकिन फिर भी प्रदूषण का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक मापा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों की सांद्रता अनुमोदित मानकों से लगभग साढ़े तीन गुना अधिक रही, जो आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करती है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के पार

दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति तक पहुंच गया। खासकर वज़ीरपुर और विवेक विहार जैसे इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 के पार दर्ज किया गया, जो “गंभीर” या “बेहद खराब” श्रेणी का संकेत है। यह स्तर उन ज़ोनों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं—जैसे सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश, अस्थमा एवं हृदय संबंधी परेशानियों—का ख़तरा बढ़ा देता है।

दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण संकट

सर्दियों के आगमन के साथ दिल्ली में प्रदूषण की समस्या हर साल एक बड़ी चिंता बनकर उभरती है। इस मौसम में हवा की गति कम हो जाती है और वातावरण की ऊंची परतों में भी ठंड के कारण कणों का फैलाव धीमा हो जाता है। नतीजतन, प्रदूषक तत्व हवा में लंबे समय तक ठहरे रहते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, उद्योगों का उत्सर्जन, निर्माण स्थलों की धूल, बायोमास और कचरे का जलना भी इस संकट को और गहरा कर देता है। इन सभी कारणों का संयोजन राजधानी के निवासियों को जहरीली हवा में सांस लेने के लिए मजबूर कर देता है।

दिल्ली के पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान स्थिति सामान्य मौसम की तुलना में कहीं ज्यादा संवेदनशील है। हवा की कम स्पीड के चलते प्रदूषण हवा में घुलने के बजाय जमीन के पास ही जमा हो रहा है। इससे न केवल AQI बढ़ रहा है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है। कई लोग सुबह-शाम बाहर निकलने से बच रहे हैं, स्कूलों और कार्यालयों में भी प्रदूषण से संबंधित समस्याओं की शिकायतें बढ़ी हैं।

सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग

राजधानी की सरकार और पर्यावरण से जुड़े विभाग लगातार प्रदूषण के स्तर पर निगरानी रख रहे हैं। विभिन्न उपाय—जैसे जल छिड़काव, निर्माण गतिविधियों पर निगरानी, सड़क सफाई, और वाहनों से उत्सर्जन पर नियंत्रण—को लागू किया जा रहा है। इसके अलावा, लोगों को सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, अनावश्यक वाहन चलाने से बचने और मास्क पहनने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम की स्थिति इसी तरह बनी रही तो आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली की हवा रविवार को बेहद प्रदूषित रही और कई इलाकों में इसने स्थिति को चिंताजनक बना दिया। शहर के निवासियों को अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि फिलहाल प्रदूषण का स्तर सामान्य और सुरक्षित सीमा से काफी अधिक बना हुआ है।

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