उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में घुसपैठियों का व्यापक सत्यापन अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों की पहचान करना है, जो बिना वैध दस्तावेजों के प्रदेश में रह रहे हैं या किसी तरह से अवैध रूप से प्रवेश कर चुके हैं।
आसपास के जिलों में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू
सरकार का ध्यान विशेष रूप से नेपाल सीमा से सटे इलाकों पर केंद्रित है, क्योंकि इन क्षेत्रों में अवैध आवागमन की संभावना अधिक रहती है। रविवार से ही पुलिस, खुफिया एजेंसियों और प्रशासनिक टीमों ने मिलकर सीमा क्षेत्रों और आसपास के जिलों में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने घर-घर जाकर तथा किराएदारों के रिकॉर्ड की जांच करते हुए उन लोगों की पहचान करनी शुरू कर दी है जिनके पास कोई वैध पहचान पत्र या नागरिकता से संबंधित दस्तावेज नहीं हैं।
इसके अलावा, राज्य के बड़े शहरों में भी अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है। लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और नोएडा जैसे प्रमुख शहरों में विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की तलाश की जा रही है। किराए के मकानों, हॉस्टल, गेस्ट हाउस, फैक्ट्रियों और उन क्षेत्रों में जहां बाहरी आबादी अधिक रहती है, प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। मकान मालिकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वे किराएदारों का पूरा विवरण पुलिस सत्यापन के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं।
नागरिक का डेटा सही तरीके से दर्ज
राज्य सरकार का यह कदम आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार अवैध विदेशी नागरिक फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके राज्य में रहते हैं और बाद में अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। इस वजह से सख्त और व्यवस्थित सत्यापन बेहद ज़रूरी हो गया है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि प्रदेश में रहने वाले हर नागरिक का डेटा सही तरीके से दर्ज हो, जिससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत चिन्हित किया जा सके।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों को वैध दस्तावेजों के बिना पाया जाएगा, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें उन्हें हिरासत में लेना, कोर्ट के आदेशानुसार डिटेंशन सेंटर भेजना और बाद में उनके मूल देश को सौंपने की प्रक्रिया शामिल हो सकती है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए
इस अभियान से स्थानीय निवासियों में भी जागरूकता बढ़ी है। कई लोग स्वयं आगे आकर प्रशासन को सूचना दे रहे हैं। वहीं, अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में बेझिझक पुलिस को बता सकते हैं, जिससे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, योगी सरकार का यह कदम यूपी में अवैध विदेशी नागरिकों पर नकेल कसने और राज्य की आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे सत्यापन अभियान आगे बढ़ेगा, उम्मीद है कि बड़ी संख्या में घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया और तेज होगी।

