You are currently viewing पौने दो वर्षों की जिम्मेदारी में अपराध ग्राफ में कमी, जनता भी कार्यशैली से संतुष्ट

पौने दो वर्षों की जिम्मेदारी में अपराध ग्राफ में कमी, जनता भी कार्यशैली से संतुष्ट

दिल्ली पुलिस राजधानी को सुरक्षित और अपराध-मुक्त बनाने के लिए निरंतर सक्रिय रूप से अभियान चला रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के दिशानिर्देश और सख्त निगरानी में विभिन्न थानों में अपराध को रोकने और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने की रणनीतियाँ लगातार लागू की जा रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के बाहरी जिला का थाना राज पार्क इन दिनों अपनी बेहतर कार्यशैली, तत्पर कार्रवाई और कम होते अपराध के कारण विशेष चर्चा में है।

ग्राफ लगातार गिरावट की ओर है

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले लगभग पौने दो वर्षों से थाना राज पार्क की कमान संभाल रहे एसएचओ वीरेन्द्र सिंह ने अपनी जिम्मेदारी को न केवल प्रभावी ढंग से निभाया है, बल्कि अपराध-नियंत्रण के नए मानक भी स्थापित किए हैं। उनकी कार्यशैली, नेतृत्व क्षमता और क्षेत्र में सक्रिय पुलिसिंग के कारण राज पार्क इलाके में अपराध का ग्राफ लगातार गिरावट की ओर है। इस दिशा में बाहरी जिला के डीसीपी सचिन शर्मा का सुपरविजन अहम भूमिका निभा रहा है, जिनके मार्गदर्शन में थाना स्टाफ को सख्त और संवेदनशील दोनों प्रकार की policing को समान रूप से अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

अव्यवस्था की स्थिति में कमी आई

थाना राज पार्क क्षेत्र में पिछले समय की तुलना में पीसीआर कॉल के आंकड़े भी कम होते दिखाई दे रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि इलाके में आपराधिक वारदातों और अव्यवस्था की स्थिति में कमी आई है। यह बदलाव स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई, नियमित पेट्रोलिंग, गश्त व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रखने का परिणाम बताया जा रहा है।

कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया

इसके साथ ही, ऑर्गेनाइज्ड क्राइम के मामलों पर भी एसएचओ वीरेन्द्र सिंह और उनकी टीम ने सख्त रुख अपनाया है। डीसीपी सचिन शर्मा के सुपरविजन में संगठित अपराध से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण और कड़े कदम उठाए गए हैं। यह भी माना जा रहा है कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों पर की गई इन कार्रवाइयों ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया है।

थाना राज पार्क क्षेत्र की आम जनता भी एसएचओ वीरेन्द्र सिंह की कार्यशैली से संतुष्ट दिखाई देती है। उनके व्यवहार, लोगों की समस्याएँ सुनने की तत्परता, और जमीनी स्तर पर काम करने की सोच ने जनता और पुलिस के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत किया है। नागरिकों की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई, विवाद समाधान में पारदर्शिता, और क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने लोगों का विश्वास बढ़ाया है।

कुल मिलाकर, थाना राज पार्क की कार्यप्रणाली और अपराध-नियंत्रण में आए सकारात्मक बदलाव इस बात का प्रमाण हैं कि योग्य नेतृत्व और प्रभावी सुपरविजन के तहत पुलिसिंग का स्तर बेहतर होता है। डीसीपी सचिन शर्मा के मार्गदर्शन तथा एसएचओ वीरेन्द्र सिंह की मेहनत ने न केवल अपराध में कमी लाई है बल्कि क्षेत्र की जनता को भी अधिक सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया है।

दिल्ली से पत्रकार नीरज कुमार यादव की रिपोर्ट

Spread the love

Leave a Reply