Noida air pollution: नोएडा में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुँच गया है, जिससे लोगों की सांसें तक भारी होने लगी हैं। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 395 दर्ज किया गया, जो “बहुत खराब” श्रेणी में आता है। इसके साथ ही नोएडा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया।
ग्रेटर नोएडा भी नहीं बचा
इसी दौरान ग्रेटर नोएडा का AQI 383 रिकॉर्ड किया गया, जिससे वह देश का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया। दोनों ही शहरों में हवा की गुणवत्ता इतनी खराब हो गई है कि लोगों को बाहर निकलते समय मास्क पहनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा
ज़हरीली हवा के कारण लोगों को सांस लेने में तकलीफ़, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएँ बढ़ने लगी हैं। वायु गुणवत्ता लगातार गिरने से स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुज़ुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण का यह स्तर एक बार फिर चेतावनी का संकेत है कि सर्दियों के आते ही हवा में जहरीले कणों का बढ़ना लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन गया है।

