Snowfall in Kashmir: जम्मू-कश्मीर में इन दिनों मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार हो रही भारी बर्फबारी ने घाटी से लेकर जम्मू संभाग तक जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। शुक्रवार को हुई तेज स्नोफॉल के बाद हालात और भी गंभीर हो गए, जिसके चलते कई इलाकों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया। खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है, जबकि छह जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी भी जारी की गई है।
जम्मू संभाग के ऊंचाई वाले क्षेत्रों जैसे पटनीटॉप, नथाटॉप, सनासर, बाटोटे, बनिहाल, गुल और आसपास के पहाड़ी इलाकों में लगातार दूसरे दिन भी भारी बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फ की मोटी परत जम जाने से सड़कें फिसलन भरी हो गईं और वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। कई इलाकों में बाजार पूरी तरह सुनसान नजर आए और जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
लगातार बर्फबारी से बिगड़े हालात
रामबन जिले के बाटोटे क्षेत्र में हालात खासे खराब रहे। रास्ते बंद होने और लोगों की आवाजाही रुकने के कारण दुकानदारों को लगातार दूसरे दिन भी अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ीं। ग्राहकों के न आने से व्यापार पूरी तरह ठप हो गया, जिससे स्थानीय कारोबारियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को जरूरी सामान के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
भारी बारिश और बर्फबारी का असर बिजली और पानी की आपूर्ति पर भी साफ दिखाई दिया। केंद्रशासित प्रदेश में बिजली का ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जम्मू संभाग के कई इलाकों में 20 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही, जिससे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हुए। जम्मू पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेपीडीसीएल) ने बताया कि अब तक केवल 52 प्रतिशत बिजली आपूर्ति ही बहाल हो पाई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटों में स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
छह जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट जारी
जेपीडीसीएल के अनुसार, शुक्रवार को बारिश और भारी बर्फबारी के कारण बिजली की मांग और लोड में भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 4 बजे पावर लोड घटकर 140 मेगावाट के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि सामान्य दिनों में यह औसतन करीब 1070 मेगावाट रहता है। इससे यह साफ है कि खराब मौसम ने पूरे बिजली तंत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है।
इस बीच कटड़ा क्षेत्र में भी हालात बिगड़े। भारी बारिश और भवन क्षेत्र में बर्फबारी के चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया। वहीं, बर्फबारी के बाद सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने सोनमर्ग, कुल्लन और गागांगीर जैसे इलाकों में बर्फ हटाने का अभियान तेज कर दिया है, ताकि जल्द से जल्द सड़कों को यातायात के लिए खोला जा सके।
कुल मिलाकर, कश्मीर और जम्मू संभाग में जारी इस “सफेद आफत” ने आम लोगों की जिंदगी को थाम सा दिया है। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मौसम के मिजाज को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।

