West Bengal News: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मतदाता सूची से कथित तौर पर वोटरों के नाम हटाए जाने के विरोध में कोलकाता में धरना शुरू किया है। यह धरना कोलकाता के धर्मतला स्थित मेट्रो चैनल पर आयोजित किया जा रहा है और तीन दिनों तक चलेगा।
धरने के दूसरे दिन ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कई वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी पर ममता बनर्जी का हमला
धरना मंच से बोलते हुए ममता बनर्जी ने रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा, “कल गैस की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जबकि तीन दिन पहले भी 49 रुपये बढ़ाए गए थे। इस तरह लगातार बढ़ रही कीमतें आम लोगों की रसोई पर सीधा असर डाल रही हैं।” उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 2100 रुपये तक पहुंच चुकी है, जबकि छोटे सिलेंडर का दाम करीब 1000 रुपये हो गया है।
गैस बुकिंग नियमों पर सवाल
गैस सिलेंडर की कीमतों के साथ-साथ ममता बनर्जी ने गैस बुकिंग के नियमों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर गैस खत्म हो जाए तो लोगों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।
उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “ऊपर से कहा जा रहा है कि गैस की बुकिंग 21 दिन पहले करनी होगी। अगर किसी के घर में गैस खत्म हो जाए तो क्या लोग 21 दिन तक बिना खाना बनाए रहेंगे?” उन्होंने सवाल किया कि ऐसी नीतियां बनाते समय आम लोगों की परेशानियों के बारे में क्यों नहीं सोचा जाता।
महिला दिवस पर विरोध मार्च का आह्वान
ममता बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों के खिलाफ विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे काली साड़ी पहनकर और रसोई के बर्तन लेकर इस मार्च में शामिल हों।
धरना मंच से उन्होंने कहा, “कल जुलूस निकलेगा। गैस नहीं है, खाना नहीं है, इसलिए इंटरनेशनल विमेंस डे पर बर्तन, कड़ाही और कटोरी के साथ विरोध मार्च निकलेगा।” उन्होंने कहा कि मां-बहनों को इंसानियत और आम लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए।
शांतिपूर्ण विरोध का संदेश
ममता बनर्जी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।उन्होंने कहा, “यह विरोध के लिए है, अशांति फैलाने के लिए नहीं। आपको विरोध की सही भाषा चुननी होगी।” उनके मुताबिक यह आंदोलन महंगाई और नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है।
गैस कीमतों में बढ़ोतरी का कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है। हालांकि ममता बनर्जी ने इस तर्क पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसी स्थिति बनने की आशंका थी तो सरकार को पहले से योजना बनानी चाहिए थी। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, “मैं उन्हें कॉमरेड्स कहती हूं। मैं कॉमरेड्स शब्द का सम्मान करती हूं, लेकिन गुमनाम कॉमरेड्स का नहीं।”
फिलहाल कोलकाता में चल रहा यह धरना और प्रस्तावित महिला विरोध मार्च पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

