LPG eKYC Update: घरेलू गैस उपभोक्ताओं के बीच बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (eKYC) को लेकर फैली अफवाहों पर केंद्र सरकार ने विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आधार ऑथेंटिकेशन सभी ग्राहकों के लिए अनिवार्य नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक खबरों को खारिज करते हुए मंत्रालय ने साफ किया कि यह प्रक्रिया केवल विशिष्ट श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए ही आवश्यक है।
सोशल मीडिया की अफवाहों पर मंत्रालय का स्पष्टीकरण
मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि हाल के दिनों में इंटरनेट पर प्रसारित कुछ पोस्ट्स के कारण LPG उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन का नियम कोई नया निर्देश नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, इन पोस्ट्स का उद्देश्य केवल उन उपयोगकर्ताओं को प्रोत्साहित करना था जिन्होंने अभी तक अपनी प्रमाणीकरण प्रक्रिया (Authentication Process) पूरी नहीं की है। यह स्पष्ट किया गया है कि जिन ग्राहकों का केवाईसी पहले से अपडेट है, उन्हें दोबारा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
PMUY सब्सिडी और ऑथेंटिकेशन की शर्तें
मंत्रालय ने अपनी गाइडलाइंस में स्पष्ट किया कि यह बायोमेट्रिक ई-केवाईसी नियम मुख्य रूप से PMUY (उज्ज्वला योजना) के लाभार्थियों पर केंद्रित है। उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले उपभोक्ताओं को यह प्रक्रिया साल में केवल एक बार पूरी करनी होती है। यह प्रमाणीकरण विशेष रूप से तब आवश्यक होता है जब उपभोक्ता साल के 7 सिलेंडर कोटा पूरा कर लेते हैं। 8वें और 9वें रिफिल पर सब्सिडी का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है, ताकि सरकारी सहायता सीधे सही लाभार्थी तक पहुँच सके।
घर बैठे मुफ्त में पूरा करें आधार आधारित ई-केवाईसी
उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि eKYC की ऑनलाइन प्रक्रिया अत्यंत सरल है। ग्राहकों को इस कार्य के लिए गैस एजेंसी या डीलर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। मोबाइल ऐप और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से यह काम घर बैठे बिना किसी शुल्क (Free of Cost) के किया जा सकता है। मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण रसोई गैस की आपूर्ति (LPG Supply) पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा और सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी रहेगी।
फर्जी गैस कनेक्शन और अवैध बिक्री पर लगेगी लगाम
इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य LPG वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। आधार आधारित सत्यापन से सिस्टम में मौजूद फर्जी लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें हटाया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी। मंत्रालय के अनुसार, डिजिटल प्रमाणीकरण यह सुनिश्चित करता है कि टैक्सपेयर्स के पैसे से दी जाने वाली सब्सिडी केवल पात्र नागरिकों को ही मिले, जिससे सरकारी खजाने का सही उपयोग हो सके।

