Punjab News: लंबे समय से कानून की आँखों में धूल झोंक रहे सनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की फरारी का अंत हो गया है। पटियाला पुलिस ने एक नाटकीय घटनाक्रम में उन्हें मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास से हिरासत में लेने में सफलता प्राप्त की है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि पटियाला के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP) वरुण शर्मा ने कर दी है।
विधायक पर शारीरिक शोषण के संगीन इल्जाम और कानूनी कार्रवाई
पठानमाजरा की मुश्किलें तब शुरू हुईं जब एक महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के आधार पर पटियाला के सिविल लाइन थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। मामला दर्ज होते ही विधायक भूमिगत हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कीं और छापेमारी का सिलसिला शुरू किया।
पुलिस की छापेमारी और हरियाणा में विधायक का बच निकलना
जांच प्रक्रिया के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी विधायक पड़ोसी राज्य हरियाणा के एक गांव में छिपे हुए हैं। पुलिस बल ने वहां दबिश भी दी, लेकिन पठानमाजरा को इसकी भनक लग गई और वे पुलिस रेड से बचने में कामयाब रहे। इस नाकाम छापेमारी के बाद पुलिस ने अपनी रणनीति बदली और तकनीकी निगरानी को और अधिक सख्त कर दिया।
सोशल मीडिया पर गुमराह करने की साजिश
फरारी के दौरान विधायक ने पुलिस को चकमा देने के लिए डिजिटल हथकंडे अपनाए। उन्होंने इंटरनेट मीडिया पर लगातार ऐसे वीडियो साझा किए जिससे यह आभास हो कि वे देश छोड़कर विदेश भाग गए हैं। हालांकि, पुलिस की तकनीकी शाखा ने उनके आईपी एड्रेस और गुप्त सूचनाओं का बारीकी से विश्लेषण किया। इस तकनीकी सर्विलांस के जरिए पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली कि उनकी लोकेशन विदेश नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर क्षेत्र में है।
ग्वालियर से आरोपी विधायक की धरपकड़ और आगामी कानूनी प्रक्रिया
एसएसपी वरुण शर्मा के नेतृत्व में पटियाला पुलिस की एक विशेष टीम ने मध्य प्रदेश में डेरा डाला और पीछा करते हुए अंततः उन्हें ग्वालियर इलाके से दबोच लिया। वर्तमान में पुलिस टीम आरोपी विधायक को ट्रांजिट रिमांड पर पटियाला ला रही है। यहां पहुंचने के बाद उन्हें माननीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि मामले की गहराई से पूछताछ की जा सके और साक्ष्य जुटाए जा सकें।

