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Ashok Kharat Case: नासिक का ‘भोंदू बाबा’ बेनकाब! 21 देशों की मिट्टी और सांपों का खौफ दिखाकर करोड़ों की ठगी

Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र के नासिक में खुद को दैवीय शक्तियों वाला ‘गॉडमैन’ बताने वाले अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के काले साम्राज्य का अंत होता नजर आ रहा है। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है, इस ढोंगी बाबा के शोषण और जालसाजी की रोंगटे खड़े कर देने वाली परतें खुल रही हैं। हाल ही में एक पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने अंधविश्वास के नाम पर चल रहे इस घिनौने खेल को पूरी दुनिया के सामने ला दिया है।

अंधविश्वास के नाम पर आर्थिक शोषण और ’21 देशों की मिट्टी’ का फर्जी जाल

नासिक पुलिस के पास पहुंची नई शिकायत के अनुसार, आरोपी अशोक खरात ने एक व्यक्ति को जीवन में अपार तरक्की और समृद्धि का लालच देकर उसे गहरे मानसिक और आर्थिक शोषण के जाल में फंसा लिया। आरोपी ने पीड़ित को यह विश्वास दिलाया कि यदि वह ’21 देशों की मिट्टी’ को स्पर्श करेगा, तभी उसके भाग्य के द्वार खुलेंगे। इस तथाकथित धार्मिक उपाय के बहाने पीड़ित को कई बार विदेश यात्राओं पर ले जाया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी अंतरराष्ट्रीय दौरों का भारी-भरकम खर्च आरोपी ने खुद वहन करने के बजाय पूरी तरह पीड़ित की जेब से वसूला।

जानलेवा धमकियां और मर्सिडीज जैसी महंगी संपत्तियों की जबरन वसूली

शिकायतकर्ता ने खुलासा किया कि साल 2018 से 2025 के बीच आरोपी ने न केवल उसे ठगा, बल्कि जान से मारने और परिवार को खत्म करने की धमकी देकर उसे आतंकित भी किया। इसी खौफ का फायदा उठाकर भोंदू बाबा ने पीड़ित से एक आलीशान मर्सिडीज कार खरीदवाई। इतना ही नहीं, विदेशों में अपने फर्जी ‘हाई-प्रोफाइल इलाज’ के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे और अपने फार्महाउस के रखरखाव का पूरा खर्च भी उसी पीड़ित से उठवाया। आरोपी लोगों की निजी कमजोरियों को जानकर उन्हें पहले दिमागी तौर पर लाचार बनाता था और फिर उनसे मोटी रकम वसूलता था।

ईशानेश्वर मंदिर की ‘उत्तर पूजा’ और सांपों का डर दिखाकर मानसिक प्रताड़ना

जांच में एक और डरावना पहलू ‘उत्तर पूजा’ के रूप में सामने आया है। आरोपी ने पीड़ित को ईशानेश्वर मंदिर बुलाकर अंधश्रद्धा और भय का माहौल पैदा किया। पूजा के दौरान अचानक एक विशालकाय सांप प्रकट किया गया और यह दावा किया गया कि स्वयं ‘ईशानेश्वर महाराज’ वहां पधारे हैं। इस दृश्य ने पीड़ित के मन में मौत का डर और गहरा कर दिया, जिससे वह पूरी तरह बाबा के नियंत्रण में आ गया। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी की एक सोची-समझी साजिश थी ताकि कोई भी उसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत न कर सके।

SIT की विशेष जांच और अंधश्रद्धा उन्मूलन कानून के तहत कठोर कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए, महाराष्ट्र सरकार ने इसकी जांच विशेष जांच दल (SIT) को सौंप दी है। SIT प्रमुख तेजस्विनी सातपुते खुद इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रही हैं। आरोपी के खिलाफ ‘महाराष्ट्र अंधश्रद्धा उन्मूलन कानून’ और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। नासिक जिला न्यायालय ने आरोपी अशोक खरात को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। जांच दल अब केवल यौन शोषण के आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि खरात के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, बेनामी संपत्तियों और उसके इस काले धंधे में शामिल अन्य सहयोगियों की भी तलाश कर रहा है।

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