Hyderabad News: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न हुए अंतरराष्ट्रीय संकट का फायदा उठाकर गैस सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में हैदराबाद पुलिस ने एक सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए एक कब्रिस्तान परिसर से भारी मात्रा में रसोई गैस (LPG) सिलेंडर बरामद किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संकट के समय आम जनता को लूटने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
कब्रिस्तान बना जमाखोरी का अड्डा
हैदराबाद पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर इस सप्ताह स्थानीय कब्रिस्तान में छापेमारी की गई। यहाँ आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से 414 एलपीजी (LPG) सिलेंडरों को छिपाकर रखा था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 10 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण गैस की संभावित किल्लत का डर दिखाकर इन सिलेंडरों को ब्लैक मार्केट में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। इस पूरे गिरोह के पीछे शामिल गैस डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ भी कड़ा एक्शन लिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और भारत में एलपीजी आयात का संकट
वर्तमान में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष के चलते वैश्विक समुद्री शिपिंग मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। भारत अपनी गैस जरूरतों का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा मध्य पूर्व (Middle East) से आयात करता है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में बाधा आई है। दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक होने के नाते भारत के लिए यह संकट संवेदनशील है। इसी स्थिति का नाजुक फायदा उठाते हुए जमाखोरों ने स्टॉक रोकना शुरू कर दिया है, जिसके खिलाफ केंद्र सरकार ने अब देशव्यापी अभियान छेड़ दिया है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान जानकारी दी कि प्रशासन जमाखोरी को लेकर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहा है। उन्होंने बताया कि अकेले कल ही देशभर में 2,600 से अधिक स्थानों पर रेड डाली गई, जिसमें कुल 700 से अधिक सिलेंडर बरामद हुए। हैदराबाद की घटना का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक ही स्थान से 400 से अधिक सिलेंडरों का मिलना गंभीर मामला है और संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
तीन गुना अधिक दाम पर लूट
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी इन सिलेंडरों को कब्रिस्तान से ही अवैध रूप से बेच रहे थे। जो कमर्शियल गैस सिलेंडर बाजार में 2,100 रुपये की आधिकारिक कीमत पर मिलता है, उसे संकट की आड़ में 6,000 रुपये तक में बेचा जा रहा था। पुलिस ने जब्त किए गए सिलेंडरों के साथ परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। कुल बरामदगी की कीमत लगभग 22 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है ताकि कालाबाजारी के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

