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UP Politics: यूपी की सियासत में ‘जौनपुर’ बना नया केंद्र! श्रीकला रेड्डी और सीएम योगी की मुलाकात से मची हलचल

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति के शतरंज पर जौनपुर जिला एक बार फिर महत्वपूर्ण मोहरा बनकर उभरा है। लखनऊ के मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक “हाई-प्रोफाइल” बैठक ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। बाहुबली नेता धनंजय सिंह की पत्नी और जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला रेड्डी ने पहली बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। इस मुलाकात के दौरान बीजेपी एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंसू’ की उपस्थिति ने इसे महज शिष्टाचार भेंट से कहीं अधिक गंभीर राजनीतिक संकेत बना दिया है।

योगी दरबार में श्रीकला की दस्तक

खबरों के मुताबिक, लखनऊ में हुई यह पहली आधिकारिक मुलाकात है जहाँ श्रीकला रेड्डी सीधे मुख्यमंत्री के संपर्क में आई हैं। सूत्रों का दावा है कि इस महत्वपूर्ण बैठक को सफल बनाने के पीछे भारतीय जनता पार्टी के एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू का हाथ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में तीनों नेताओं के बीच एक सकारात्मक संवाद साफ देखा जा सकता है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह तस्वीर सिर्फ एक फ्रेम नहीं, बल्कि पूर्वांचल की राजनीति में आने वाले सियासी बदलाव का पूर्वाभ्यास है।

पूर्वांचल में बीजेपी का नया गठबंधन?

जौनपुर की धरती पर धनंजय सिंह और उनके समर्थकों का प्रभाव दशकों से कायम है। बीजेपी हाईकमान शायद यह समझ चुका है कि पूर्वांचल में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए प्रभावशाली क्षेत्रीय चेहरों को साथ लेना अनिवार्य है। श्रीकला रेड्डी की इस मुलाकात को 2027 के विधानसभा चुनाव और आगामी पंचायत चुनावों की बिसात से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि यह बातचीत किसी ठोस नतीजे पर पहुँचती है, तो जौनपुर में बीजेपी का संगठन पहले से कहीं अधिक आक्रामक और मजबूत नजर आ सकता है।

बसपा से मोहभंग और भाजपा से नजदीकी

याद दिला दें कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान मायावती ने श्रीकला रेड्डी को बसपा से उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन ऐन वक्त पर उनका टिकट वापस ले लिया गया। उस समय यह चर्चा जोरों पर थी कि धनंजय सिंह का परिवार अब विकल्प तलाश रहा है। बसपा के उस रुख के बाद ही धनंजय सिंह और बीजेपी के बीच बढ़ती सियासी नजदीकियों की खबरें छन-छन कर बाहर आने लगी थीं। मुख्यमंत्री से यह मुलाकात उसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है।

कौन हैं श्रीकला रेड्डी?

श्रीकला रेड्डी मूल रूप से तेलंगाना के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह से विवाह के बाद उन्होंने यूपी की राजनीति में कदम रखा। साल 2021 के पंचायत चुनाव में उन्होंने जौनपुर के वार्ड नंबर 45 से बड़ी जीत दर्ज की और फिर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाली। उनके राजनैतिक रसूख और सामाजिक प्रभाव के कारण ही उन्हें जौनपुर की राजनीति में एक ‘किंगमेकर’ के रूप में देखा जाता है।

मिशन 2027 की तैयारी

उत्तर प्रदेश की सत्ता पर दोबारा काबिज होने के लिए बीजेपी अब छोटे दलों और प्रभावशाली स्थानीय परिवारों के साथ रणनीतिक तालमेल बिठाने पर काम कर रही है। जौनपुर जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में धनंजय सिंह जैसे पुराने खिलाड़ियों का साथ मिलना बीजेपी के लिए पूर्वांचल की राह आसान कर सकता है। आगामी कुछ महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीकला रेड्डी की यह “योगी मुलाकात” जौनपुर के सियासी ऊंट को किस करवट बिठाती है।

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