Suvendu Adhikari Big Action: CM बनते ही शुभेंदु ने ले लिया बड़ा …पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने शासन के पहले दिन ही कड़े तेवर दिखाए हैं। राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार की प्राथमिकता कानून का शासन स्थापित करना है। अधिकारी के इन शुरुआती कदमों की तुलना उत्तर प्रदेश के ‘योगी मॉडल’ से की जा रही है, जहाँ सार्वजनिक सुरक्षा और व्यवस्था को राजनीति से ऊपर रखा गया है।
धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण और सार्वजनिक स्थलों के नियमों का कड़ाई से पालन
मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रशासन को सख्त हिदायत दी है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर की आवाज परिसर के भीतर ही रहनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, सड़कों पर ऐसी किसी भी प्रार्थना सभा या धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे यातायात बाधित हो। प्रशासन का मानना है कि इससे आम जनता को होने वाली असुविधा कम होगी। इस फैसले का स्वागत करते हुए नखोदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम और सर्व भारतीय प्राच्य अकादमी के प्रिंसिपल जयंत कुशारी जैसे दिग्गजों ने इसे एक सभ्य समाज के निर्माण के लिए आवश्यक कदम बताया है।
अपराध नियंत्रण और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
राज्य में माफिया राज को खत्म करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने अवैध कोयला खनन, रेत उत्खनन और पशु तस्करी के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाने का आदेश दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि इन गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन पर होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। राज्य से अवैध हथियारों की बरामदगी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई है।
चुनावी हिंसा की पुनर्समीक्षा और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने का संकल्प
सुवेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार के कार्यकाल में हुई चुनावी हिंसा और राजनीतिक प्रतिशोध के मामलों पर बड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने 2021 और 2024 के विधानसभा व लोकसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा, गुंडागर्दी और रंगदारी के मामलों की फाइलें फिर से खोलने का आदेश दिया है। लगभग 1,300 से अधिक ऐसे मामले जो पहले केवल ‘जीडी’ (General Diary) के रूप में दर्ज थे, अब उनकी गहन जांच की जाएगी। सरकार का लक्ष्य अपराधियों की पहचान कर उन्हें जेल भेजना और हिंसा के पीड़ितों को लंबे समय से प्रतीक्षित न्याय दिलाना है।
प्रशासनिक सुधार और पशु तस्करी रोकने हेतु नवीन दिशा-निर्देश
प्रशासनिक गलियारों में बदलाव की लहर लाते हुए मुख्यमंत्री ने सरकारी होर्डिंग्स और विज्ञापनों से ममता बनर्जी सरकार के नारों को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, मवेशी परिवहन और अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। अब 14 वर्ष से अधिक उम्र के मवेशियों का परिवहन केवल पशु चिकित्सा अधिकारी के प्रमाणन के बाद ही हो सकेगा। इन कड़े फैसलों के माध्यम

