UP News: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाया है। जहां एक तरफ ईंधन बचाने की मुहिम को लेकर कई नेता उदासीन नजर आते हैं, वहीं सुरेश खन्ना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण अनुकूल आह्वान को पूरी तरह अपने जीवन में उतार लिया है। शाहजहांपुर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर लगातार नौ बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले खन्ना सदन के सबसे वरिष्ठतम और सम्मानित सदस्यों में से एक हैं, जिन्होंने अब इस राष्ट्रीय अभियान की कमान खुद संभाली है।
साइकिल और पैदल यात्रा के बाद अब ग्रीन फ्यूल व्हीकल का सहारा
वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेश कुमार खन्ना का पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के प्रति लगाव नया नहीं है। ईंधन बचाने और सादगी का संदेश देने के लिए उन्होंने पहले मोटरसाइकिल और साइकिल का सहारा लिया। इसके बाद वह कई बार अपने दफ्तर से सरकारी आवास तक पैदल यात्रा करते हुए भी नजर आए। अपनी इस मुहिम को और आधुनिक तथा सुचारू रूप देते हुए अब उन्होंने पूरी तरह से गैर-पेट्रोलियम ईंधन संचालित वाहनों (Eco Friendly Vehicles) का उपयोग करना शुरू कर दिया है, ताकि समाज में प्रदूषण मुक्त आवागमन का एक बड़ा संदेश दिया जा सके।
लगातार तीसरे हफ्ते ई-रिक्शा से विधान भवन पहुंचे वित्त मंत्री
इसी क्रम में शुक्रवार को यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना अपने सरकारी आवास ‘दस कालिदास मार्ग’ से ई-रिक्शा में सवार होकर सीधे विधान भवन स्थित अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने न केवल सुबह दफ्तर आने के लिए बल्कि दोपहर में लंच के लिए वापस घर जाने और फिर कार्यालय लौटने के लिए भी इसी बैटरी चालित वाहन का इस्तेमाल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘न्यूनतम डीजल-पेट्रोल खपत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए वह लगातार तीसरे सप्ताह शुक्रवार के दिन ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचे हैं।
ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को बताया राष्ट्रीय आवश्यकता
बैटरी चालित रिक्शे से सफर करने को लेकर कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सप्ताह में एक दिन पेट्रोलियम रहित साधनों का उपयोग करना उनका कोई व्यक्तिगत शौक या पब्लिसिटी स्टंट नहीं है। उन्होंने इसे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति अपनी नागरिक जिम्मेदारी बताया। खन्ना ने जोर देकर कहा कि आज के दौर में ईंधन की बचत करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आवश्यकता बन चुकी है, क्योंकि भारत की ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा आज भी विदेशों से आयात होने वाले महंगे तेल पर निर्भर है।
सक्षम नागरिकों से जीवनशैली में बदलाव और विदेशी मुद्रा बचाने का आह्वान
संसदीय कार्य मंत्री ने समाज के प्रभुत्वशाली और सक्षम वर्ग से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि देश का हर सक्षम नागरिक अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करे और सप्ताह में कम से कम एक दिन वैकल्पिक एवं पर्यावरण अनुकूल यातायात साधनों (Green Mobility) का प्रयोग करे, तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। इससे न केवल शहरों में खतरनाक वायु प्रदूषण के स्तर में भारी कमी आएगी, बल्कि कच्चे तेल के आयात पर खर्च होने वाली देश की अरबों रुपये की मूल्यवान विदेशी मुद्रा की भी बड़ी बचत होगी।

