Rohit Sharma Padma Shri: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दुनिया के सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा के नाम आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो गई। पिछले दो दशकों में भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और उनके असाधारण खेल योगदान के लिए उन्हें देश के चौथे सबसे ऊंचे नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया है। मंगलवार शाम को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रोहित शर्मा को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से विभूषित किया। यह सम्मान उनके उस नेतृत्व को भी सलाम है, जिसकी कप्तानी में भारत ने टी20 विश्व कप 2024 और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का ऐतिहासिक खिताब अपने नाम किया था।
डेब्यू के ठीक 19 साल बाद मिला पद्म पुरस्कार
इस प्रतिष्ठित सम्मान को हासिल करने के बाद रोहित शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और प्रेरक पोस्ट साझा किया। दिलचस्प बात यह है कि रोहित को यह सम्मान उसी तारीख के आसपास मिला, जो उनके करियर के लिए बेहद खास है। उन्होंने लिखा, “23 जून अपने साथ कई तरह का जादू लेकर आता है। 19 साल पहले, इसी दिन भारतीय टीम की कैप मिलने के साथ मेरे सफर की शुरुआत हुई थी। और आज इस अद्भुत कहानी में पद्मश्री के रूप में एक और गर्व भरा अध्याय जुड़ गया है।” उनका यह संदेश इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।
मध्यक्रम के बल्लेबाज से ‘क्रिकेट किंग’ बनने तक का सफर
रोहित शर्मा का क्रिकेट सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज 23 जून 2007 को आयरलैंड के खिलाफ एक वनडे मैच से किया था। शुरुआत में वह मध्यक्रम (मिडल ऑर्डर) में बल्लेबाजी करते थे, जहां उनका प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा। लेकिन साल 2013 में जब उन्होंने बतौर सलामी बल्लेबाज (ओपनर) खेलना शुरू किया, तो मानो क्रिकेट की दुनिया ही बदल गई। इसके बाद उन्होंने 19 सितंबर 2007 को टी20 अंतरराष्ट्रीय और नवंबर 2013 में टेस्ट क्रिकेट में अपना पदार्पण (डेब्यू) किया और तीनों ही प्रारूपों में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी से करिश्माई रिकॉर्ड स्थापित किए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के बेमिसाल आंकड़े
सफेद गेंद के क्रिकेट से लेकर रेड बॉल क्रिकेट तक रोहित शर्मा के आंकड़े उनकी महानता की गवाही देते हैं। टेस्ट और टी20 प्रारूप से संन्यास ले चुके रोहित ने अब तक 67 टेस्ट मैचों में 12 शतकों की मदद से 4,301 रन बनाए हैं। वहीं, 285 वनडे मैचों में उनके बल्ले से 33 शतक और 62 अर्धशतकों के साथ 11,720 रन निकले हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी उन्होंने 159 मैचों में 5 शतक ठोकते हुए 4,231 रन दर्ज किए हैं। उनके नाम वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा 3 दोहरे शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा 653 छक्के लगाने का ऐसा अनोखा विश्व रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे तोड़ पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक सपना है। इसके अलावा वनडे में 264 रनों की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का कीर्तिमान भी उन्हीं के नाम है।
महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत के सबसे कामयाब कप्तान
रोहित शर्मा को महान कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बाद भारत का सबसे सफल और चतुर कप्तान माना जाता है। उनकी आक्रामक और शांत कप्तानी के दौर में भारतीय क्रिकेट टीम ने कई ऐतिहासिक आईसीसी खिताब जीते। रोहित के नेतृत्व में भारत ने एशिया कप पर कब्जा किया, टी20 विश्व कप 2024 की ट्रॉफी उठाई और फिर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतकर दुनिया में अपनी बादशाहत कायम की। इससे पहले उनकी शानदार कप्तानी में ही भारतीय टीम वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल तक पहुंची थी, जहां टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था। यह पद्मश्री पुरस्कार उनके इसी बेमिसाल नेतृत्व क्षमता का सबसे बड़ा सम्मान है।

