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UP News: प्रतापगढ़ में CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार, विकास के नाम पर राजनीति और तुष्टिकरण का लगाया आरोप

UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतापगढ़ में 384 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर चौतरफा हमला बोला। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। यही वजह है कि ये दल समाज को जाति और आस्था के आधार पर विभाजित करने की संकीर्ण राजनीति का सहारा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि जो कांग्रेस पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व को नकारती थी, वह आज खुद को आस्तिक दिखाने का ढोंग कर रही है।

तुष्टिकरण और आस्था पर प्रहार

मुख्यमंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा के शासनकाल में जनता की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें धार्मिक स्थलों के कायाकल्प और पुनरुत्थान के लिए मिलने वाले सरकारी धन को कब्रिस्तानों की चहारदीवारी पर खर्च कर देती थीं। इतना ही नहीं, रामभक्तों पर गोलियां चलवाने का पाप भी इन्हीं दलों के समय हुआ। योगी आदित्यनाथ ने साफ शब्दों में कहा कि देश और प्रदेश की जागरूक जनता अब कांग्रेस और सपा के इस छलावे और चंगुल में फंसने वाली नहीं है।

अयोध्या मामले और वक्फ पर सवाल

अयोध्या में चढ़ावा चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाने के इरादे से खड़े किए गए इस विवाद की जांच के लिए पहले ही एसआईटी (SIT) गठित की जा चुकी है, जो बहुत जल्द दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। इसके साथ ही उन्होंने वक्फ संपत्तियों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि गरीबों और कमजोर तबकों के कल्याण के लिए इस्तेमाल होने वाली वक्फ जमीनों पर हुए कथित कब्जों और घोटालों पर सपा-कांग्रेस के मुंह में ‘फेविकॉल’ क्यों लग जाता है? उन्होंने पूछा कि जब कांवड़ यात्रा रोकी जाती थी और जन्माष्टमी के आयोजनों में बाधा डाली जाती थी, तब विपक्ष क्यों मौन रहता था?

प्रतापगढ़ का गौरवशाली इतिहास और कायाकल्प

प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह भूमि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शंखनाद की गवाह है। यह पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय, बाबू लाल गौड़ और हरिवंश राय बच्चन जैसी महान विभूतियों की कर्मस्थली रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले प्रतापगढ़ को पिछड़े जिलों में गिना जाता था, जहाँ किसान आत्महत्या करते थे, युवा पलायन को मजबूर थे और बेटियां असुरक्षित थीं। पूर्व की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ नीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज के बाद नर्सिंग कॉलेज का शिलान्यास हो रहा है और गंगा एक्सप्रेसवे से जिले की कनेक्टिविटी को रफ्तार मिली है।

पारदर्शी रोजगार और जनकल्याण

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चलते हुए बिना किसी भेदभाव के गरीबों को मुफ्त इलाज, राशन, आवास और गैस सिलेंडर दिए गए। रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पुलिस की 60 हजार भर्तियों समेत यूपीपीएससी (UPPSC) और यूपीएसएसएससी (UPSSSC) के माध्यम से प्रतापगढ़ के युवाओं को योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले नौकरियों की नीलामी होती थी और ‘सैफई घराना’ पूरी भर्ती प्रक्रिया पर कुंडली मारकर बैठ जाता था, जिससे गरीब और प्रतिभाशाली युवा वंचित रह जाते थे। अब प्रदेश की इस बदलती तस्वीर और युवाओं को मिल रहे अवसरों से विपक्ष बौखलाया हुआ है।

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