Delhi Mahila Samriddhi Yojana: दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने ‘महिला समृद्धि योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता देने की पूरी तैयारी कर ली है। इस कल्याणकारी योजना की औपचारिक शुरुआत आगामी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर होने की संभावना है। सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र में महिलाओं से आर्थिक मदद का जो वादा किया था, उसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। योजना को लागू करने से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब बस इसकी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस योजना का शुभारंभ कर सकते हैं।
करोड़ों का बजट और लाखों लाभार्थी
इस साल का रक्षाबंधन दिल्ली की लाखों महिलाओं के लिए बेहद खास होने वाला है। सरकार द्वारा शुरू की जा रही इस नई योजना के अंतर्गत 21 वर्ष से लेकर 60 वर्ष की आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सीधी आर्थिक मदद दी जाएगी, जो सालाना 30,000 रुपये बनती है। एक अनुमान के मुताबिक, दिल्ली की करीब 20 से 22 लाख महिलाओं को इस सीधे वित्तीय लाभ के दायरे में लाया जाएगा। योजना की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार ने एक समर्पित ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी तैयार कर लिया है। महिलाओं के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हुए सरकार ने इस महत्वकांक्षी योजना के लिए बजट में 5,110 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की है।
पात्रता के कड़े नियम और शर्तें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इसे पूरी मुस्तैदी और तैयारी के साथ धरातल पर उतारा जाएगा ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक इसका लाभ पहुंच सके। योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। इस वित्तीय सहायता का अधिकार केवल उन्हीं महिलाओं को होगा जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख से 3 लाख रुपये के बीच होगी। इसके अलावा, आवेदिका का दिल्ली का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। सरकार इस योजना में राशन कार्ड धारक महिलाओं को प्राथमिकता देगी।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों तक ही सीमित रहे, इसके लिए सरकार ने अपात्रता के नियम भी बेहद सख्त रखे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसी महिलाएं जो केंद्र या राज्य सरकार के अधीन किसी भी सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं, उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है। इसके साथ ही, आयकर (इन्कम टैक्स) का भुगतान करने वाली महिलाओं और जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन (कार आदि) उपलब्ध हैं, उन्हें भी इस आर्थिक सहायता योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य पूरी तरह से उन वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को संबल देना है जो वित्तीय रूप से दूसरों पर निर्भर हैं।

