Ram Mandir donation theft: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर बेहद कड़े कदम उठाए हैं। मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने मंगलवार (14 जुलाई) को इस बात की आधिकारिक जानकारी दी कि अब मंदिर की दान राशि से जुड़ी हर व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है। लापरवाही को खत्म करने के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू की गई हैं।
श्रद्धा पर चोट और सुरक्षा खामियों को दूर करने का संकल्प
स्वामी गोविंद देव गिरि ने चढ़ावा चोरी की इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर रामभक्तों की अटूट आस्था पर एक बड़ा आघात और गहरी साजिश करार दिया। कोषाध्यक्ष ने साफ किया कि श्रद्धा के साथ किए गए इस खिलवाड़ से उपजे नुकसान को पूरी तरह ठीक करने में थोड़ा समय अवश्य लगेगा, लेकिन ट्रस्ट इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने के लिए पूरी दृढ़ता से काम कर रहा है।
कर्मचारियों के लिए नया ड्रेस कोड और अनिवार्य फिस्किंग (Frisking) नियम
मंदिर प्रशासन ने चोरी की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करने के लिए सबसे पहले नोटों की गिनती करने वाले कर्मियों के पहनावे में बदलाव किया है। अब काउंटिंग टीम के लिए एक विशेष परिधान (ड्रेस कोड) तय कर दिया गया है, जिसमें कोई भी जेब (पॉकेट) नहीं होगी। इसके साथ ही, पहले जहां गिनती करने वालों की चेकिंग कभी-कभार ही होती थी, वहीं अब आते-जाते समय हर कर्मचारी की सघन तलाशी यानी ‘फिस्किंग’ को रोजाना के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
टेबल की जगह अब फर्श पर दरी बिछाकर होगी दान राशि की गणना
कोषाध्यक्ष के मुताबिक, पूर्व में नोटों की गिनती टेबल के ऊपर की जाती थी, जिससे हाथ की सफाई दिखाकर एकाध बंडल जेब में सरका देना बेहद आसान और सहज हो जाता था। इस ढिलाई और मानवीय चूक को रोकने के लिए टेबल सिस्टम को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया है। अब सभी कर्मचारी जमीन पर दरी बिछाकर बैठते हैं और सबके सामने पारदर्शी तरीके से नोटों को गिना जाता है, जिससे किसी भी तरह की हेराफेरी की संभावना न के बराबर रह गई है।
बैंक और ट्रस्ट के पर्यवेक्षकों (Observers) की चौतरफा निगरानी
सुरक्षा पुख्ता करने के लिए न केवल काउंटिंग का तरीका बदला गया है, बल्कि निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया गया है। स्वामी गोविंद देव गिरि ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जेल में बंद आरोपी ट्रस्ट के स्थाई कर्मचारी नहीं थे। भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए अब गणना के दौरान कड़ी निगरानी हेतु विशेष पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के दो अधिकारी और राम मंदिर ट्रस्ट के दो प्रतिनिधि यानी कुल चार लोगों की टीम हमेशा मौके पर मुस्तैद रहकर पूरी प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग करेगी।

