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Sonam Wangchuk Protest: सोनम वांगचुक के अनशन का 20वां दिन, सोनिया गांधी की भावुक अपील; हाई कोर्ट ने दिए मेडिकल निगरानी के निर्देश

Sonam Wangchuk Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख के अधिकारों और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का आमरण अनशन आज 20वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस आंदोलन (Opposition Support Sonam Wangchuk Protest) को लेकर देश की सियासत पूरी तरह गरमा गई है और केंद्र सरकार के खिलाफ समूचा विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है।

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) के कई दिग्गज नेताओं ने विरोध स्थल का दौरा किया है। विपक्षी नेताओं ने वांगचुक की तेजी से गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अपनी भूख हड़ताल तुरंत समाप्त करने का भावुक आग्रह किया है।

सोनिया गांधी ने याद दिलाया 1984 का इतिहास, की अनशन खत्म करने की अपील

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi on Sonam Wangchuk) ने व्यक्तिगत रूप से सोनम वांगचुक से संपर्क कर उनसे भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया है। उन्होंने साल 1984 की एक ऐतिहासिक घटना का स्मरण कराया, जब लद्दाखियों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने के लिए वांगचुक के पिता सोनम वांग्याल भूख हड़ताल पर बैठे थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी स्वयं उन्हें मनाने के लिए लेह गई थीं।

इसी क्रम में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने आज धरना स्थल का दौरा कर वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, कर्नाटक के कैबिनेट मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी वांगचुक को एक ‘बेहद प्रतिबद्ध व्यक्ति’ बताते हुए कांग्रेस के पूर्ण समर्थन को दोहराया है।

अरविंद केजरीवाल ने की तारीफ, कहा- ‘धर्मेंद्र प्रधान की जगह वांगचुक बनें शिक्षा मंत्री’

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Jantar Mantar) ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचकर परीक्षा प्रणालियों में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। केजरीवाल ने देश के युवाओं के भविष्य के लिए अपनी जान दांव पर लगाने के लिए वांगचुक के साहस को सराहा। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा तंज कसते हुए सुझाव दिया कि धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए। मंच पर मौजूद आप नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इसका समर्थन किया।

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी इस आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है। सपा सांसद डिंपल यादव (Dimple Yadav on Ladakh Protest) ने भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि संकट के इस समय में सरकार को तानाशाही छोड़कर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने सत्तारूढ़ दल के नेताओं से आग्रह किया कि वे तुरंत धरना स्थल पर आएं और आंदोलनकारियों से बातचीत का रास्ता साफ करें।

‘जीवन अनमोल है’, दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

सोनम वांगचुक की गंभीर होती स्थिति को देखते हुए न्यायपालिका ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court on Sonam Wangchuk) ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए वांगचुक की सेहत की चौबीसों घंटे ‘क्लिनिकल निगरानी’ करने के सख्त निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि ‘जीवन अनमोल है’ और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर वांगचुक की जान बचाने के लिए प्रशासन को जो भी आवश्यक कदम उठाने हों, वे तुरंत उठाए जाएं।

इस सुनवाई के दौरान केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ को आश्वस्त किया कि प्रशासन डॉक्टरों की टीम के माध्यम से वांगचुक के स्वास्थ्य पर लगातार और पैनी नजर बनाए हुए है।

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