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Rohit Sharma Century: रोहित शर्मा का ऐतिहासिक शतक! जानिए लॉर्ड्स में दोस्त के बल्ले से कैसे रचा इतिहास?

Rohit Sharma Century: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय (ODI) मुकाबले में भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का 34वां वनडे शतक ठोक दिया। इस उपलब्धि के साथ ही ‘हिटमैन’ ने रिकॉर्ड बुक में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

हालांकि, क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि रोहित ने यह कारनामा अपने खुद के नहीं, बल्कि साथी खिलाड़ी और दोस्त शार्दुल ठाकुर के बल्ले से अंजाम दिया। मैच के दौरान कैमरों में स्पष्ट रूप से दिखा कि रोहित जिस बल्ले का उपयोग कर रहे थे, उसके निचले हिस्से पर ‘शार्दुल ठाकुर’ का नाम अंकित था। कमेंट्री बॉक्स में मौजूद खुद शार्दुल ने भी इस मजेदार तथ्य की पुष्टि की।

आलोचकों को करारा जवाब

इंग्लैंड द्वारा दिए गए 388 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए रोहित शर्मा ने अकेले दम पर संघर्ष किया। उन्होंने मात्र 110 गेंदों में 17 चौके और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 138 रनों की आक्रामक पारी खेली और टीम इंडिया को मैच में बनाए रखा। यद्यपि भारतीय टीम यह मुकाबला 27 रनों से गंवा बैठी और तीन मैचों की सीरीज भी 1-2 से हार गई, लेकिन रोहित की इस शतकीय पारी ने आलोचकों के मुंह बंद कर दिए।

लॉर्ड्स वनडे से ठीक पहले मीडिया में ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि यह रोहित शर्मा का आखिरी एकदिवसीय मैच हो सकता है। परंतु इस शानदार शतक के साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है और उन्होंने 2027 के वनडे विश्व कप में खेलने की अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।

संन्यास की खबरों पर चुप्पी तोड़ना

मुकाबले के समाप्त होने के पश्चात रोहित शर्मा ने मीडिया से बातचीत में अपने संन्यास को लेकर उठ रहे सभी सवालों और अफवाहों पर विराम लगा दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह बाहरी बातों और अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं, बल्कि उनका पूरा ध्यान मैदान पर जाकर टीम की मदद करने पर केंद्रित है।

रोहित शर्मा ने भावुक होते हुए कहा, “देखिए, मेरी असली जिम्मेदारी बल्ले के साथ प्रदर्शन करना है। मैदान में आओ, खेलो, देश और टीम का सम्मानपूर्वक प्रतिनिधित्व करो। जब मैंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पदार्पण किया था, तब भी मुझे यही सिखाया गया था और आज भी मैं वही निष्ठा से कर रहा हूं।”

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