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Delhi Protest: दिल्ली प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव का बड़ा आरोप, बोले- पुलिस ने कुर्ता फाड़ने की कोशिश की

Delhi Protest: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिल्ली में हुए विपक्षी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हिरासत में लेने की कोशिश के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनका कुर्ता फाड़ने का प्रयास किया। अखिलेश यादव ने कहा कि उनका कुर्ता मजबूत था और गांधी आश्रम का बना होने के कारण फटा नहीं, लेकिन उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी को पहचान लिया है और जरूरत पड़ने पर उसकी पहचान कर सकते हैं।

अखिलेश यादव का दावा, पुलिसकर्मी ने कुर्ता पकड़कर फाड़ने की कोशिश की

संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी उनके कपड़े पकड़ रहे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस को ऐसी ट्रेनिंग किसने दी है कि वह प्रदर्शनकारियों के कपड़े फाड़ने लगे। सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने मौके पर ही पुलिसकर्मी से पूछा कि वह उनका कुर्ता क्यों फाड़ रहा है। इसके बाद उन्होंने उसका हाथ पकड़ लिया, जिससे वह वहां से हट गया। अखिलेश ने दावा किया कि यदि वह पुलिसकर्मी उनके सामने लाया जाए तो वह उसे आसानी से पहचान सकते हैं।

दिल्ली पुलिस पर निशाना

दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि उनका कुर्ता मजबूत नहीं होता और गांधी आश्रम का बना हुआ नहीं होता तो वह निश्चित रूप से फट जाता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सदरी भी मजबूत थी, इसलिए वह भी सुरक्षित बच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का इस तरह कपड़े पकड़ना और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करना बेहद अनुचित है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं, जिनसे स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

विपक्षी सांसदों के साथ व्यवहार पर सवाल

दिल्ली पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि पुलिस के इस रवैये से किसी को चोट लगती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी इस दौरान चोट लगी। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी सांसदों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, क्या वह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप था। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान इस प्रकार की कार्रवाई पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

छात्र आंदोलन के समर्थन में विपक्ष का प्रदर्शन

मंगलवार को छात्रों के आंदोलन के समर्थन और कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री आवास की ओर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। कुछ देर बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लेने की कार्रवाई पर उठा विवाद

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं को वहां से हटाया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को बलपूर्वक रोकने का प्रयास किया गया, जबकि प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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