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Dharmendra Pradhan Resignation: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके का पहला संदेश, बोले- यह सिर्फ शुरुआत है

Dharmendra Pradhan Resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने रविवार सुबह एक वीडियो संदेश जारी कर आंदोलन से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद वह सुकून से सो पाए हैं, क्योंकि पिछले कई दिनों से आंदोलन की सफलता और उसके परिणाम को लेकर लगातार मानसिक दबाव बना हुआ था। दीपके ने अपने समर्थकों और आंदोलन में शामिल युवाओं के भरोसे की सराहना करते हुए कहा कि यह जीत केवल एक पड़ाव है और संगठन का सफर अभी लंबा है।

उन्होंने कहा, “आज मैं बिना किसी चिंता के उठा हूं। पिछले कुछ दिनों में हर शाम यह सोचकर गुजरती थी कि आगे क्या होगा। लेकिन जिन लोगों ने हम पर भरोसा किया, उनका मैं दिल से धन्यवाद करता हूं। यह अभी सिर्फ शुरुआत है। कॉकरोच जनता पार्टी को अभी बहुत आगे जाना है।”

जंतर-मंतर से जीत का ऐलान, बोले- हमने कर दिखाया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित सभा में अभिजीत दीपके ने मंच से समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने आंदोलन को जनता की एकजुटता की जीत बताते हुए कहा कि यह साबित हो गया है कि लोकतांत्रिक तरीके से किया गया शांतिपूर्ण विरोध भी बड़े बदलाव ला सकता है।

दीपके ने कहा, “हमने कर दिखाया। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। यह उन लाखों युवाओं और नागरिकों की जीत है जिन्होंने लगातार अपनी आवाज बुलंद रखी और पीछे हटने से इनकार किया।”

‘झुकती है दुनिया झुकाने वाले चाहिए’, आंदोलन की ताकत पर जताया भरोसा

अपने संबोधन के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि अक्सर यह कहा जाता था कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं देता, लेकिन जनता की ताकत के सामने बड़े से बड़ा पद भी जवाबदेह बन सकता है। उन्होंने अपने समर्थकों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यदि लोग डरना छोड़ दें और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए मजबूती से खड़े रहें, तो बदलाव संभव है।

उन्होंने कहा, “लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन हम कहते हैं कि झुकती है दुनिया, झुकाने वाले चाहिए। यह इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि अगर जनता डरती नहीं है और सत्ता के सामने झुकती नहीं है, तो जवाबदेही तय कर सकती है।”

प्रल्हाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।

प्रल्हाद जोशी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय देश के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है और वह पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।

सोनम वांगचुक ने बताया लोकतंत्र की जीत, 26 दिन की भूख हड़ताल रही चर्चा में

इस आंदोलन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर 26 दिनों तक भूख हड़ताल की। आंदोलन के बाद उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि यह जीत सीधे सड़कों से उठी लोकतांत्रिक आवाज की जीत है। उन्होंने कहा कि यह शांति, धैर्य और दृढ़ संकल्प की सफलता है। साथ ही उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी, आंदोलन में शामिल Gen-Z युवाओं और देशभर के उन नागरिकों को बधाई दी जिन्होंने बिना डर के अपनी आवाज उठाई। वांगचुक ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों और जवाबदेही की मांग करते हैं।

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