UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से ‘हर घर तिरंगा अभियान’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और देश के गौरवशाली इतिहास से प्रत्येक नागरिक को जोड़ने का अभियान है। शुक्रवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान को व्यापक जनसहभागिता के साथ सफल बनाया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में शामिल हों।
हर घर तिरंगा अभियान 2026 का लक्ष्य
बैठक में पिछले वर्षों के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2022 में 4.10 करोड़ से अधिक, 2023 और 2024 में 4.50 करोड़ से अधिक तथा 2025 में 4.76 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराया गया था। इस बार 5 करोड़ घरों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों, खादी एवं ग्रामोद्योग संस्थानों और एमएसएमई इकाइयों को अभियान से जोड़ा जाए। साथ ही राशन की दुकानों, ग्राम पंचायत भवनों, जन सेवा केंद्रों, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, डाकघरों और पेट्रोल पंपों पर राष्ट्रीय ध्वज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
स्वतंत्रता दिवस और हर घर तिरंगा अभियान के तहत होंगे विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 14 और 15 अगस्त को प्रदेश के सभी सिनेमाघरों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का प्रसारण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके अलावा पूरे राज्य में तिरंगा रैली, तिरंगा संगीत समारोह, तिरंगा प्रदर्शनी, रंगोली प्रतियोगिता और ‘सेल्फी विद तिरंगा’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, हवाई अड्डे और प्रमुख चौराहों को तिरंगा थीम से सजाया जाएगा। स्कूलों और कॉलेजों में स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित चित्र प्रदर्शनियां, वंदे मातरम् गायन और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित कर युवाओं को आजादी के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
स्वतंत्रता संग्राम स्मारकों पर विशेष आयोजन, 9 से 15 अगस्त तक राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 9 अगस्त को काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस और 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के सभी कार्यक्रम गरिमा और सम्मान के साथ आयोजित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि 9 से 15 अगस्त के बीच प्रदेश के सभी स्वतंत्रता संग्राम स्मारकों, शहीद स्थलों और स्मृति स्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन स्थलों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों तथा शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। पुलिस बैंड की सहभागिता से पूरे प्रदेश में राष्ट्रभक्ति का वातावरण तैयार किया जाएगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस और राष्ट्रीय एकता पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक में 14 अगस्त को मनाए जाने वाले विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विभाजन की त्रासदी को केवल ऐतिहासिक घटना के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की सीख के रूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाना चाहिए। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें विभाजन से प्रभावित पंजाबी, सिंधी और बंगाली परिवारों को आमंत्रित कर उनके अनुभव साझा कराए जाएंगे।
राष्ट्रीय एकता अभियान में शरणार्थी परिवारों और युवाओं की होगी भागीदारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बांग्लादेश से आए शरणार्थी परिवारों को भी इन कार्यक्रमों में शामिल किया जाए और उनके साथ कैंडल मार्च आयोजित किया जाए। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में परिचर्चाएं, संगोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को देश के विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भ, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और राष्ट्रीय एकता के महत्व से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करेंगे तथा स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

