Student Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों को लाठीचार्ज, पेलेट गन और अन्य पुलिस कार्रवाई में चोटें आईं, उनसे पहले माफी मांगी जानी चाहिए। इसके बाद ही छात्रों को क्षमा करने की बात की जानी चाहिए।
छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी से माफी की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। दीपके का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों को लाठीचार्ज, पेलेट गन और अन्य पुलिस कार्रवाई में गंभीर चोटें आईं। उनका तर्क है कि यदि सरकार छात्रों के प्रति नरमी और क्षमा की बात कर रही है, तो सबसे पहले उन छात्रों के दर्द और नुकसान को स्वीकार करना चाहिए, जो इस कार्रवाई से प्रभावित हुए।
पीएम मोदी की क्षमा अपील पर अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले छात्रों के प्रति नरमी बरतने और उन्हें सुधार का अवसर देने की अपील की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि जिन छात्रों के सिर फूटे, जिनके हाथ-पैर टूटे और जिन पर पेलेट गन का इस्तेमाल हुआ, उनसे पहले माफी मांगी जानी चाहिए। उनके अनुसार, इसके बाद ही क्षमा और सहानुभूति की बात सार्थक मानी जाएगी।
छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों को माफ करना चाहती है, तो यह केवल सोशल मीडिया या इंस्टाग्राम वीडियो तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार पुलिस को निर्देश दे कि छात्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज किए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। दीपके का कहना है कि केवल सार्वजनिक बयान देने से स्थिति नहीं बदलेगी, बल्कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त करना ही वास्तविक राहत होगी। उनके मुताबिक, मुकदमे वापस लिए बिना क्षमा की अपील केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जारी अपने वीडियो संदेश में कहा था कि युवावस्था में कई बार भावनाओं में बहकर गलतियां हो जाती हैं और समाज का दायित्व है कि वह युवाओं को सुधारने का अवसर दे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी छात्र को वर्षों तक अदालतों के चक्कर लगवाना या सामाजिक रूप से बहिष्कृत करना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। प्रधानमंत्री ने अपील की थी कि ऐसे मामलों में संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए ताकि युवाओं का भविष्य प्रभावित न हो।
बीजेपी आईटी सेल पर अभिजीत दीपके के आरोप
अभिजीत दीपके ने इस मुद्दे पर बीजेपी की आईटी सेल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से महिलाओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया जाता रहा है। दीपके ने दावा किया कि जिन अकाउंट्स पर “Followed by PM Modi” लिखा दिखाई देता है, उनसे यह संदेश जाता है कि उन्हें शीर्ष स्तर का समर्थन प्राप्त है।
छात्र प्रदर्शन, अभद्र भाषा और कानूनी कार्रवाई पर समान नियम लागू करने की मांग
अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि यदि छात्रों द्वारा कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, तो महिलाओं के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वाले लोगों पर भी समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं होती। उन्होंने कहा कि कानून का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी मामले में दोहरे मानदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए। इस पूरे विवाद के बीच छात्र प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

