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Parliament Protest: राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पप्पू यादव का प्रदर्शन, गेरुआ वस्त्र पहनने पर कीर्ति आजाद ने किया समर्थन, सरकार पर साधा निशाना

Parliament Protest: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनकर किए गए प्रदर्शन पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने उनकी कार्रवाई का समर्थन करते हुए राम मंदिर चढ़ावा विवाद और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि वाराणसी में दर्ज एफआईआर और हालिया हमले ने इस मामले को और गरमा दिया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र धारण कर कथित राम मंदिर चढ़ावा विवाद और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। संसद परिसर में उनके इस अनोखे प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी। विपक्षी दलों ने इसे सरकार और संबंधित संस्थाओं से जवाब मांगने का प्रयास बताया, जबकि सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक प्रदर्शन करार दिया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कीर्ति आजाद की प्रतिक्रिया

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ट्रस्ट में पहले से ही कई भगवाधारी संत और धार्मिक पदाधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा, “स्वामी नित्यानंद दास भगवाधारी हैं, गोविंद देव गिरि और दिनेंद्र दास जैसे लोग भी भगवाधारी हैं। ट्रस्ट में इतने सारे भगवाधारी मौजूद हैं।” उनके इस बयान को पप्पू यादव के प्रदर्शन के समर्थन और ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल के रूप में देखा जा रहा है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सरकार पर निशाना

कीर्ति आजाद ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बहाने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “नितिन नवीन हनुमान जी को दौड़ा रहे हैं, यह संस्थानों के सम्मान के अनुरूप नहीं है।” उन्होंने आगे दावा किया कि पप्पू यादव ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की है कि कथित तौर पर किस तरह “डकैती” हुई। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच गेरुआ वस्त्र पहनने पर एफआईआर

संसद परिसर में गेरुआ वस्त्र पहनने को लेकर राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच वाराणसी में पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर के बाद उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, “एफआईआर से न राहुल गांधी डरे हैं और न प्रियंका गांधी, इसलिए मैं भी डरने वाला नहीं हूं।”

पप्पू यादव ने आगे सवाल उठाया कि क्या गेरुआ वस्त्र पहनने का अधिकार केवल कुछ लोगों तक सीमित है। उन्होंने कहा, “जब गिरी को छद्म रूप से गेरुआ पहनकर चोरी करने का अधिकार है तो पप्पू यादव को गेरुआ पहनकर गेरुआ की रक्षा करने का अधिकार क्यों नहीं है? और मैं खीरा-ककड़ी हूं क्या?” उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संसद में प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव ने 2 अगस्त को अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपना पक्ष रखा। इसी दौरान उस समय हंगामा मच गया, जब एक युवक ने कथित तौर पर उन पर चप्पल फेंक दी। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने तत्काल स्थिति को संभाला और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। इस घटना ने पहले से चल रहे राजनीतिक विवाद को और अधिक सुर्खियों में ला दिया।

फिलहाल, राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। एक ओर विपक्ष सरकार और संबंधित ट्रस्ट से पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्तापक्ष विपक्ष पर धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

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