Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब अभिनेता और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा पर कथित डबल मीनिंग टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद अदालत से उन्हें राहत मिल गई और उनकी रिहाई हो गई। रिहाई के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक कार्रवाई बताया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उदयनिधि स्टालिन की सोशल मीडिया पोस्ट में राजनीतिक विरासत का जिक्र
रिहाई के बाद उदयनिधि स्टालिन ने अपने पिता और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ एक तस्वीर साझा की। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वह मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन के बेटे हैं और इस तरह के राजनीतिक हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाले नहीं हैं।
गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक साजिश
उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उनकी गिरफ्तारी का उद्देश्य किसानों और अन्य जनहित के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है और इसी कारण वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि तंजावुर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया और उनके खिलाफ झूठी बातें फैलाई गईं। उनके अनुसार यह पूरा मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।
उदयनिधि स्टालिन बोले- गिरफ्तारी से नहीं डरता, पुलिस से कभी नहीं भागा
डीएमके नेता ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्हें गिरफ्तारी का कोई भय नहीं है। उन्होंने लिखा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उन्होंने कानून का पूरा सम्मान किया और कहीं भी छिपने या भागने की कोशिश नहीं की। उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों का मकसद उन्हें चेन्नई और तंजावुर के बीच बार-बार दौड़ाकर मानसिक रूप से परेशान करना था।
उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को “राजनीतिक नाटक” बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती।
मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, करूर हादसे का किया जिक्र
अपनी पोस्ट में उदयनिधि स्टालिन ने राज्य के मुख्यमंत्री पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि करूर में हुई एक बड़ी दुर्घटना के दौरान मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात नहीं की और मीडिया का भी सामना नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संकट की घड़ी में सरकार जनता के साथ खड़ी होने के बजाय अपनी छवि बचाने में व्यस्त रही।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गंभीर घटनाओं के बाद भी मुख्यमंत्री अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई अतिरिक्त साक्ष्य साझा नहीं किया।
किसानों के समर्थन का दोहराया संकल्प, बोले- 100 बार भी गिरफ्तारी मंजूर
उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पोस्ट में किसानों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यदि किसानों के अधिकारों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष करना अपराध माना जाता है, तो वह एक नहीं बल्कि सौ बार गिरफ्तार होने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों के हित में वह केवल 300 किलोमीटर ही नहीं बल्कि 3000 किलोमीटर से भी अधिक पैदल मार्च करने को तैयार हैं। उनके अनुसार जनता की सेवा और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
डीएमके कार्यकर्ताओं और सहयोगी दलों का जताया आभार
अपनी पोस्ट के अंत में उदयनिधि स्टालिन ने डीएमके कार्यकर्ताओं, सहयोगी राजनीतिक दलों और उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से मिले समर्थन ने उन्हें और अधिक मजबूती दी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई उनके जनसेवा के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दों को उठाने का उनका अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा

