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Assam Flood: असम बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे जेपी नड्डा, केंद्र से हरसंभव मदद का दिया भरोसा

Assam Flood: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को असम के शिवसागर जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। जेपी नड्डा ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए राज्य को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।

जेपी नड्डा ने असम बाढ़ प्रभावित बिहुबोर नेपाली खुटी क्षेत्र का किया निरीक्षण

दौरे के दौरान जेपी नड्डा शिवसागर जिले के सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल बिहुबोर नेपाली खुटी पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की और हालिया आपदा से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत वितरण, पुनर्वास योजनाओं और प्रभावित लोगों को दी जा रही सहायता की जानकारी भी ली। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंदों तक सहायता समय पर पहुंचे।

असम बाढ़ राहत पर जेपी नड्डा का आश्वासन

बाढ़ प्रभावित लोगों को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से असम के लोगों को पूरा सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी और केंद्र सरकार राज्य को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि केंद्र की विशेषज्ञ टीमें बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही हैं। उनके अनुसार पुनर्वास, मुआवजा और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा ताकि प्रभावित परिवार जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें।

जेपी नड्डा बोले- पूरे गांव प्रभावित

जेपी नड्डा ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान उन्होंने तबाही का व्यापक दृश्य देखा। उनके अनुसार कई गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, हजारों लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं और खेती की जमीन के साथ-साथ निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों की परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई है और राहत सामग्री लगातार जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने दोहराया कि आर्थिक सहायता, मुआवजा और पुनर्वास के हर स्तर पर केंद्र सरकार असम सरकार के साथ मिलकर काम करेगी।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जेपी नड्डा के दौरे को बताया राहत कार्यों के लिए अहम

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के लिए जेपी नड्डा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने स्वयं प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी है और उन्हें विश्वास है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को असम की वास्तविक परिस्थितियों से अवगत कराएंगे।

सरमा ने कहा कि इससे राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र से आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करेंगी।

असम बाढ़ संकट से जूझ रहे ऊपरी इलाकों में अब भी चुनौती बरकरार

इस वर्ष मॉनसून के दौरान ऊपरी असम के कई जिलों में भीषण बाढ़ आई है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण शिवसागर जिले के नजीरा सब-डिविजन और उससे सटे बिहुबोर नेपाली खुटी क्षेत्र में व्यापक जलभराव, भूमि कटाव और कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है।

हालांकि कई क्षेत्रों में पानी उतरना शुरू हो गया है, लेकिन प्रभावित परिवार अब भी पुनर्वास और आजीविका बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन राहत शिविरों और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटा हुआ है।

को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने दी बाढ़ की ताजा स्थिति की जानकारी

नजीरा की को-डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर प्रतिभा मेश्राम ने बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी 23 स्थान प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि नेपाली खुटी सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में शामिल है, जहां कुछ परिवारों को स्थायी रूप से पुनर्वासित करने की आवश्यकता पड़ सकती है।

उन्होंने जानकारी दी कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार चार से पांच लोग अब भी लापता हैं, जबकि 26 से 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच और अपडेट के साथ इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। मेश्राम ने बताया कि जिला प्रशासन नागालैंड के पहाड़ी क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है, क्योंकि वहां होने वाली बारिश का सीधा असर असम की नदियों और बाढ़ की स्थिति पर पड़ता है।

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