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Bengal Politics: ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले पर अखिलेश यादव का रिएक्शन, बोले- ‘लोकतंत्र में ऐसी घटना दुखद’

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए कथित हमले को लेकर अब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है। अखिलेश यादव ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की घटनाएं बेहद दुखद और चिंताजनक हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को वरिष्ठ नेता बताते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की बात कही।

अखिलेश यादव बोले- वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा व्यवहार निंदनीय

अखिलेश यादव ने कहा कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाना निंदनीय है।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के बावजूद किसी वरिष्ठ नेता के सम्मान और सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।

‘अगर सरकार इसके पीछे है तो यह बेहद निंदनीय’

ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर इस घटना के पीछे सरकार का हाथ है तो यह और भी गंभीर तथा निंदनीय बात होगी।

अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि वह बहुत बड़े अंतर से चुनाव नहीं हारी थीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं हुई होती तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे। हालांकि, यह अखिलेश यादव का राजनीतिक आकलन है।

ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव की चिंता

अखिलेश यादव ने कहा कि ममता बनर्जी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी वरिष्ठ राजनीतिक नेता के साथ ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए और सरकार को उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीरता बरतनी चाहिए।

उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमले का मुद्दा पश्चिम बंगाल की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता दिखाई दे रहा है।

FCRA मुद्दे पर अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर हमला

इसी दौरान अखिलेश यादव ने FCRA (Foreign Contribution Regulation Act) को लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत से कितना पैसा विदेश जा रहा है और विदेश से भारत आने वाले पैसे पर ही प्रतिबंध क्यों लगाए जा रहे हैं।

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी के सत्ता में आने के बाद आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों के ‘अच्छे दिन’ आए हैं। उन्होंने FCRA को लेकर दावा किया कि इसका इस्तेमाल अल्पसंख्यक समुदाय को परेशान करने और संदेश देने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, ये अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

ममता बनर्जी के काफिले पर क्या हुआ था?

दरअसल, 9 अगस्त को ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल के हलीसहर में कथित पुलिस कस्टडी में जान गंवाने वाले एक टीएमसी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें स्थानीय स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर उनके काफिले को रास्ते में रोक दिया।

आरोप है कि विरोध के दौरान ममता बनर्जी की कार पर कीचड़ लगाया गया और जूते-चप्पल फेंके गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई। घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।

ममता बनर्जी ने घटना के लिए बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार

ममता बनर्जी ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए स्थानीय ग्रामीणों को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना स्थानीय लोगों ने नहीं, बल्कि बीजेपी से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर कराई।

ममता बनर्जी के इस आरोप के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया। टीएमसी ने जहां घटना को राजनीतिक विरोध और सुरक्षा से जोड़कर देखा, वहीं बीजेपी ने ममता के आरोपों को खारिज किया।

बीजेपी ने ममता के आरोपों को किया खारिज

ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। बीजेपी ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए घटना की निंदा की। इस तरह मामले में टीएमसी, बीजेपी और अब समाजवादी पार्टी के नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने राजनीतिक विवाद को और चर्चा में ला दिया है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। ममता बनर्जी के काफिले पर कथित हमला, उनकी सुरक्षा और घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों को लेकर सामने आ रहे दावों की वास्तविक स्थिति जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

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