राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी में बदल गया है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके विदेशी मूल का मुद्दा उठाया। उनके बयान के बाद कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे हताशा में दिया गया बयान करार दिया।
सोनिया गांधी के विदेशी मूल पर कुमारस्वामी का तीखा हमला
कुमारस्वामी ने सोमवार को वंदे मातरम के कथित विरोध को लेकर सोनिया गांधी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को राष्ट्रीय गीत का सम्मान करना चाहिए। सोनिया गांधी के संदर्भ में उन्होंने सवाल उठाया कि उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है और क्या वह वास्तव में भारत की हैं। कुमारस्वामी ने उनके इतालवी मूल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस वंदे मातरम को लेकर संकीर्ण मानसिकता प्रदर्शित कर रही है।
वंदे मातरम पर कांग्रेस नेताओं की मानसिकता को लेकर सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी नेताओं को राष्ट्रीय गीत के मुद्दे पर अनावश्यक विरोध या आपत्ति नहीं जतानी चाहिए। उन्होंने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया और कहा कि यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से गहराई से जुड़ा रहा है। कुमारस्वामी ने याद दिलाया कि जिस कांग्रेस अधिवेशन में महात्मा गांधी शामिल हुए थे, वहां भी वंदे मातरम गाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने भी इस गीत को गाया था।
कांग्रेस ने कुमारस्वामी के बयान पर किया पलटवार
कुमारस्वामी के बयान पर कर्नाटक सरकार में मंत्री रिजवान अरशद ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को हताश व्यक्ति बताते हुए कहा कि सोनिया गांधी के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। अरशद के मुताबिक सोनिया गांधी ने भारत में लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में योगदान दिया है और वह कई भारतीयों से भी अधिक भारतीय भावना रखती हैं।
राजीव गांधी के बलिदान का कांग्रेस ने किया जिक्र
रिजवान अरशद ने कहा कि सोनिया गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी एक एकजुट और न्यायपूर्ण भारत के लिए संघर्ष कर रही हैं। कांग्रेस नेता ने कुमारस्वामी के हमले को राजनीतिक रूप से निराशाजनक बताते हुए उनके बयान की आलोचना की।
कुमारस्वामी ने कांग्रेस के पलटवार के बाद फिर साधा निशाना
कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बावजूद कुमारस्वामी मंगलवार को अपने बयान पर कायम रहे। उन्होंने सोनिया गांधी पर अपना हमला और तेज करते हुए सवाल किया कि उन्होंने देश के लिए क्या बलिदान दिया है। कुमारस्वामी ने कहा कि राजीव गांधी का बलिदान अपनी जगह है, लेकिन सोनिया गांधी के व्यक्तिगत त्याग को लेकर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
वंदे मातरम के अपमान का कुमारस्वामी ने लगाया आरोप
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया और भारतीय भावनाओं का विरोध किया। उन्होंने एक बार फिर सोनिया गांधी के इतालवी मूल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक भारतीय नागरिक से विवाह किया और बाद में भारतीय नागरिक बनीं। कुमारस्वामी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय भावना और देशभक्ति से जोड़ते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
बीजेपी ने वीडियो साझा कर लगाया था आरोप
विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई थी, जब बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने कांग्रेस के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वंदे मातरम के पूरे संस्करण से परेशान नजर आ रहे थे। संतोष ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ मानसिकताएं आज भी नहीं बदली हैं।
कांग्रेस ने वंदे मातरम रोकने के आरोप को किया खारिज
कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी। कांग्रेस के अनुसार, सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, क्योंकि वह काफी देर से खड़े थे।
वंदे मातरम विवाद ने बढ़ाई सियासी बयानबाजी
वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सोनिया गांधी के विदेशी मूल, देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना जैसे मुद्दों तक पहुंच गया है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी और कांग्रेस नेताओं के बीच भी तीखी जुबानी जंग जारी है। ऐसे में राष्ट्रीय गीत से जुड़ा यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का एक और प्रमुख मुद्दा बन सकता है।

