UP News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड के स्कूलों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर अब सख्त रुख अपना लिया है। छात्रों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ऑनलाइन हाजिरी अनिवार्य किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों में इसका पालन नहीं हो रहा है। करीब 14 महीने से व्यवस्था लागू होने के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अब 33 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से की गई है।
ऑनलाइन अटेंडेंस में लापरवाही, 10 फीसदी से कम स्कूलों पर निगरानी
बोर्ड की समीक्षा में सामने आया कि जिन जिलों में 10 प्रतिशत से भी कम विद्यालय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं, वहां व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। इसे यूपी बोर्ड के निर्देशों की अवहेलना और संबंधित डीआईओएस के स्तर पर प्रभावी पर्यवेक्षण की कमी माना गया है। इसी आधार पर बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से शासन को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
छह दिन की मोहलत: सभी स्कूलों में 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति का निर्देश
कार्रवाई की संस्तुति के साथ ही संबंधित डीआईओएस को सुधार का अंतिम अवसर भी दिया गया है। यूपी बोर्ड सचिव ने निर्देश दिया है कि छह दिनों के भीतर सभी राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विद्यालयों में छात्रों और कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में लगातार लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
भदोही में ऑनलाइन हाजिरी की स्थिति सबसे चिंताजनक
ऑनलाइन उपस्थिति के मामले में भदोही की स्थिति भी विशेष रूप से सामने आई है। यहां 196 विद्यालयों में से किसी भी स्कूल की ओर से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे जिले में व्यवस्था के क्रियान्वयन और निगरानी पर सवाल खड़े हुए हैं।
33 जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था कमजोर
जिन जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है, उनमें उन्नाव, मिर्जापुर, फर्रुखाबाद, सहारनपुर, गोंडा, प्रयागराज, चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, आजमगढ़, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस, बुलंदशहर, लखनऊ, बांदा, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, बहराइच, देवरिया, गोरखपुर और भदोही शामिल हैं।
डीआईओएस की निगरानी पर उठे सवाल, शासन को भेजी रिपोर्ट
बोर्ड के अनुसार, ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य होने के बावजूद विद्यालयों में इसका पालन नहीं होना संबंधित अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। बोर्ड ने इसे स्पष्ट रूप से निर्देशों की अवहेलना और डीआईओएस के शिथिल पर्यवेक्षण का परिणाम माना है।
अब संबंधित जिलों के डीआईओएस को छह दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार कर सभी विद्यालयों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी। इसके बाद भी यदि निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हुआ तो शासन स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। यूपी बोर्ड की इस सख्ती से प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को प्रभावी बनाने और विद्यालयों की नियमित निगरानी को लेकर बड़ा संदेश गया है।

