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UP News: यूपी में बारिश से खराब सड़कों पर CM योगी का बड़ा आदेश, पर्वों से पहले 681 प्रमुख मार्ग होंगे गड्ढामुक्त

UP News: उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत मोटरेबल यानी आवागमन के योग्य बनाया जाए। बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के अनुसार इन सड़कों का स्थायी नवीनीकरण भी कराया जाए। उन्होंने बारिश के दौरान सड़कों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और नए क्षतिग्रस्त मार्गों का सर्वे कराने को कहा।

पर्व-त्योहारों से पहले गड्ढामुक्त हों प्रमुख सड़कें

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर प्रमुख मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग आवागमन करेंगे, इसलिए प्रमुख सड़कों पर यातायात में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

सरकार ने आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्गों को चिन्हित किया है। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक भीड़ और यातायात वाले मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव का काम प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।

गड्ढामुक्त सड़क अभियान में 4.36 लाख किमी मार्गों की समीक्षा

समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 9 विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। वर्तमान गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर मार्गों को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 5,751 किलोमीटर सड़कों पर गड्ढामुक्ति का काम पूरा होने की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गड्ढामुक्ति अभियान सिर्फ खानापूर्ति या पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिन सड़कों की स्थिति फिलहाल बेहद खराब है, उन्हें तत्काल चलने योग्य बनाया जाए। वहीं, बारिश समाप्त होने के बाद सड़क की वास्तविक स्थिति के आधार पर स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।

बारिश और भारी वाहनों से क्षतिग्रस्त सड़कों का होगा सर्वे

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे मार्गों का विभागवार सर्वे कराया जा रहा है।

सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कों को चिन्हित किया जाएगा और इसके बाद संबंधित विभागों के लिए गड्ढामुक्ति के लक्ष्य तय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया।

सड़क नवीनीकरण और विशेष मरम्मत पर भी फोकस

बैठक में सड़क नवीनीकरण और विशेष मरम्मत की प्रगति की भी समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें अब तक लगभग 14 हजार किलोमीटर पर काम पूरा होने की जानकारी दी गई।

वहीं, करीब 5 हजार किलोमीटर मार्गों पर विशेष मरम्मत का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक लगभग 700 किलोमीटर का काम पूरा बताया गया है। मुख्यमंत्री ने काम में तेजी लाने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

अस्पताल, स्कूल और बाजारों की सड़कें होंगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सड़कें आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचने वाली सड़कों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां सड़क की तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है, वहां बिना देरी के काम शुरू कराया जाए और लोगों के आवागमन को सुगम बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क मरम्मत में तेजी के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

कई विभागों की कार्ययोजना की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों से उनकी कार्ययोजना की जानकारी ली गई। इसके अलावा मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्राम्य विकास, नगर विकास, आवास एवं शहरी नियोजन तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा हुई।

बैठक में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, औद्योगिक विकास विभाग के राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी, जल शक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद और ग्राम्य विकास राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम समेत कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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