West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की रेजिनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नेता हुमायूं कबीर ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने फिलहाल जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार से दूरी बनाने का ऐलान किया है। कबीर का आरोप है कि पुलिस उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को लगातार परेशान कर रही है और गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इसी वजह से उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों और समर्थकों को किसी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहते।
रेजिनगर विधानसभा सीट से हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद AJUP के उम्मीदवार हैं। कबीर ने कहा कि वह जमीन पर जाकर प्रचार नहीं करेंगे, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए अपने बेटे और पार्टी के पक्ष में प्रचार जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दिन उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ मुकाबले में उतरेगी।
रेजिनगर उपचुनाव में पुलिस कार्रवाई का आरोप, करीब 10 कार्यकर्ताओं के जेल में होने का दावा
हुमायूं कबीर ने पुलिस पर उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि AJUP के करीब 10 कार्यकर्ता फिलहाल जेल में हैं। कबीर के मुताबिक, उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पुलिस और चुनाव से जुड़े अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है।
AJUP नेता ने बताया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी इस संबंध में दो पत्र भेजे हैं। इसके अलावा चुनाव पर्यवेक्षकों, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर और जिलाधिकारी को भी कथित पुलिस कार्रवाई की जानकारी देने का दावा किया है।
चुनाव प्रचार बढ़ाने से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को परेशानी की आशंका
कबीर का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में जमीनी चुनाव प्रचार को और तेज करने से पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से उन्होंने फिलहाल मैदान में उतरकर प्रचार करने से दूरी बनाने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का अभियान पूरी तरह बंद नहीं होगा। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने और अपने बेटे गुलाम नबी आजाद के समर्थन में प्रचार करने की कोशिश करेंगे।
चुनाव के दिन जवाब देने की बात, पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
हुमायूं कबीर ने पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनकी पार्टी से जुड़े लोगों को लगातार पकड़ा जा रहा है। इसी के चलते पार्टी ने जमीनी प्रचार को फिलहाल रोकने का फैसला किया है।
कबीर ने कहा कि वह अपने समर्थकों को किसी परेशानी में नहीं डालना चाहते। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी चुनाव के दिन पूरी ताकत के साथ मुकाबला करेगी। हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
AJUP नेताओं की गिरफ्तारी से बढ़ा चुनावी विवाद
रेजिनगर उपचुनाव से पहले AJUP से जुड़े दो नेताओं की गिरफ्तारी भी चर्चा में है। शनिवार रात AJUP नेता नसीम शेख को रेजिनगर के मियांग्राम इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई मई में पुलिस के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में की गई।
इसके अलावा AJUP से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम को भी एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि यह मामला वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव से संबंधित है। इन गिरफ्तारियों को लेकर AJUP नेता हुमायूं कबीर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव की तारीख और नतीजे
रेजिनगर विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। इसी दिन पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर भी वोट डाले जाएंगे। दोनों सीटों के उपचुनाव के नतीजे 9 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के सीट छोड़ने के बाद खाली हुई थी। अब इस सीट पर उनके बेटे गुलाम नबी आजाद AJUP के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। उपचुनाव से पहले पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियों और हुमायूं कबीर के जमीनी प्रचार से पीछे हटने के फैसले ने रेजिनगर के चुनावी माहौल को चर्चा में ला दिया है।

