Shamli Mining Scam: शामली खनन विभाग रिश्वत मामला: मेरठ एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और विभागीय लिपिक सदाम को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय और आवास पर तलाशी में करीब 65 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है। टीम रिश्वत के आरोपों, बरामद नकदी के स्रोत और पूरे मामले की जांच कर रही है।
शामली खनन विभाग में एंटी करप्शन टीम की छापेमारी, दो कर्मचारी हिरासत में
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में खनन विभाग के खिलाफ मेरठ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। रिश्वत मांगने की शिकायत के आधार पर टीम ने खनन विभाग के लिपिक सदाम और खनन अधिकारी सुधाकर सिंह को हिरासत में लिया है। दोनों पर एक व्यक्ति से खनन पट्टा दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। कार्रवाई के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है।
खनन पट्टा दिलाने के नाम पर 1.85 लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शामली जिले के एक व्यक्ति ने खनन विभाग के अधिकारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मेरठ एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि खनन पट्टा दिलाने के नाम पर उससे 1 लाख 85 हजार रुपये की रिश्वत ली गई थी। बताया जा रहा है कि पट्टाधारक को करीब एक महीने से टालमटोल कर परेशान किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की और इसके बाद शामली पहुंचकर कार्रवाई की।
खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और लिपिक सदाम को पकड़ा
शिकायत के आधार पर मेरठ एंटी करप्शन टीम ने शामली में खनन विभाग के कार्यालय पर कार्रवाई की। इस दौरान खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और विभागीय लिपिक सदाम को हिरासत में लिया गया। टीम ने खनन अधिकारी के कार्यालय के साथ-साथ डीएम आवास के पास स्थित उनके आवास पर भी तलाशी ली। इसके अतिरिक्त लिपिक सदाम के घर की तलाशी के दौरान भी नकदी मिलने की जानकारी सामने आई है। दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए थाना आदर्श मंडी ले जाया गया।
शामली खनन विभाग रिश्वत कांड में 65 लाख रुपये नकद मिलने का दावा
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खनन अधिकारी के कार्यालय और आवास सहित संबंधित ठिकानों से करीब 65 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं, कुछ जानकारी में लिपिक सदाम के घर से लगभग 70 लाख रुपये मिलने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, बरामद रकम की वास्तविक मात्रा को लेकर अभी स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। नकदी की गिनती और उसके स्रोत का पता लगाने की प्रक्रिया जारी है।
रिश्वत के आरोप और बरामद नकदी के स्रोत की जांच में जुटी एंटी करप्शन टीम
फिलहाल मेरठ एंटी करप्शन टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान शिकायत से जुड़े दस्तावेजों, कथित रिश्वत की रकम और तलाशी में मिली नकदी के संभावित संबंधों की पड़ताल की जा रही है। टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी कहां से आई और उसे किन परिस्थितियों में रखा गया था।
शामली खनन विभाग मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर
खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और लिपिक सदाम से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रिश्वत के आरोपों और नकदी की बरामदगी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद शामली के प्रशासनिक महकमे में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

