Delhi Protest: नई दिल्ली में मंगलवार, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान राजनीतिक हलचल तेज हो गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और विपक्ष के कई सांसद संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने निकले। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
राहुल गांधी के धरने पर आचार्य प्रमोद कृष्णम का कटाक्ष
राहुल गांधी के धरने को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसा। उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी अब धरना देने में “पूर्ण रूप से परिपक्व” हो चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी जानते हैं कि उन्हें यह “नौटंकी” वर्ष 2047 तक करनी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम की यह टिप्पणी राहुल गांधी के मौजूदा प्रदर्शन को लेकर सामने आई है।
चुनाव आयोग तक मार्च, बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
मंगलवार सुबह विपक्षी सांसद संसद परिसर में जुटे और इसके बाद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च शुरू किया। मार्च को दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर भी चढ़े। इसके बाद कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। समाचार रिपोर्टों के मुताबिक राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बाद में आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
‘जब तक बैठना होगा, बैठेंगे’, राहुल गांधी का बयान
आकाशवाणी भवन परिसर में धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। उनका सवाल था कि सांसदों को चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाने से क्यों रोका जा रहा है। राहुल गांधी ने प्रदर्शन को सांसदों का संवैधानिक अधिकार बताते हुए कहा कि जब तक बैठना होगा, वे बैठे रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनके बैठने से समस्या है तो उन्हें प्रदर्शन के लिए कोई दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाए।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, विपक्ष का आंदोलन जारी
विपक्षी दलों का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया। विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है। प्रदर्शन के दौरान INDIA ब्लॉक के कई सांसदों ने चुनाव आयोग से मिलने और अपनी मांगें रखने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए और कुछ को हिरासत में लिया गया।
अक्टूबर से नवंबर तक विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम
विपक्ष ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को आगे भी जारी रखने का कार्यक्रम घोषित किया है। इसके तहत 8 अक्टूबर को जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन, 10 से 20 अक्टूबर के बीच ब्लॉक स्तर पर ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर आंदोलन और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली प्रस्तावित है। इसके अलावा 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली और 25-26 नवंबर को छह अलग-अलग राज्यों से ‘दिल्ली चलो’ यात्रा का कार्यक्रम बताया गया है।
चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सियासी टकराव
विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करना शामिल है। वहीं, मंगलवार के प्रदर्शन के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनाव आयोग, विपक्ष और केंद्र की राजनीति के बीच जारी टकराव को एक बार फिर सामने ला दिया है।

