वृंदावन: संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार को करीब 14 दिन बाद अपने आश्रम पहुंचे। उनके आने की खबर मिलते ही भक्तों की भीड़ जुट गई। हर कोई महाराज की एक झलक पाने और उनके दर्शन करने के लिए उत्सुक नजर आया। प्रेमानंद महाराज पहले राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। वहां श्रीजी के दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद वह अपने गुरु के आश्रम गए। कुछ समय रुकने के बाद वह यमुनापार स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए।
आश्रम पहुंचने के दौरान उनके साथ प्रमुख शिष्य भी मौजूद रहे। भक्तों की भीड़ को संभालने के लिए शिष्यों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में प्रेमानंद महाराज ने यमुना विहार कुंज आश्रम में प्रवचन भी दिए। उनके आश्रम लौटने के बीच यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके शिष्य रसिक दुलारी की मौत को लेकर कई सवाल और चर्चाएं चल रही हैं।
रसिक दुलारी की मौत के बाद चर्चा में आया आश्रम
प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की पिछले शुक्रवार को आश्रम की इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब जांच के दौरान कमरे में शरीर के एक निजी अंग का कटा हुआ हिस्सा और उसे काटने में इस्तेमाल होने की आशंका वाला कटर मिलने की बात सामने आई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। कुछ सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए, जिनमें रसिक दुलारी इमारत से गिरते दिखाई दिए। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निजी अंग कटने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी कारण घटना को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे और आश्रम देशभर में चर्चा का विषय बन गया।
इस मामले में जांच से जुड़े तथ्यों और सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के बीच अंतर करना जरूरी है। मौत से जुड़े सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
गुरु के आश्रम में पूजा और ध्यान करने पहुंचे प्रेमानंद महाराज
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रेमानंद महाराज राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे। वहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक रुककर श्रीजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अपने प्रमुख शिष्यों के साथ वारहा घाट स्थित गुरु गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे।
यहां उन्होंने एकांत में ध्यान किया और अपने गुरु से आशीर्वाद लिया। इसके बाद सुबह करीब छह बजे वह यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। उनके पहुंचने की खबर सुनकर बड़ी संख्या में भक्त जुट गए। शिष्यों ने भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने का प्रयास किया।
विराट कोहली पर बयान देकर घिरे फलाहारी महाराज
दूसरी ओर, प्रेमानंद महाराज और उनके आश्रम को लेकर बयान देने वाले दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी महाराज ने अपने आरोपों पर माफी मांगी है। वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले से जुड़े एक पक्षकार भी बताए जाते हैं। फलाहारी महाराज ने दावा किया था कि क्रिकेटर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए पांच करोड़ रुपये दिए गए थे।
उन्होंने यह भी कहा था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने कथित तौर पर इस यात्रा के लिए रकम खर्च की थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। बयान के बाद संत समाज के कई लोगों ने इसका विरोध किया और फलाहारी महाराज के आरोपों पर सवाल उठाए।
संतों के विरोध के बाद फलाहारी महाराज ने मांगी माफी
फलाहारी महाराज के बयान के बाद मथुरा-वृंदावन के संतों ने विरोध जताया। सिद्ध पीठ हनुमान टेकरी पर हुई संत समाज की बैठक में उनके सामाजिक और धार्मिक बहिष्कार की घोषणा की गई। साथ ही, भविष्य में धार्मिक कार्यक्रमों में उन्हें आमंत्रित नहीं करने का फैसला भी लिया गया।
इसके बाद फलाहारी महाराज ने बयान जारी कर प्रेमानंद महाराज से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूज्य महाराज के लिए कोई गलत बात नहीं कही और मीडिया में उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस मामले के बाद उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
प्रेमानंद महाराज और विवाद पर आगे की नजर
एक ओर रसिक दुलारी की मौत की जांच से जुड़े सवाल चर्चा में हैं, तो दूसरी ओर विराट कोहली को लेकर दिए गए बयान और फलाहारी महाराज की माफी का मामला भी सुर्खियों में है। फिलहाल, रसिक दुलारी की मौत के कारणों और उससे जुड़े सवालों पर जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। वहीं, फलाहारी महाराज के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि न होने के कारण उन्हें स्थापित तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं होगा।

