Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की योजना बना रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद रिहा कर दिया गया है। इनमें अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, हिरासत में लिए जाने के करीब 24 घंटे बाद मजिस्ट्रेट ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया।
रिहाई के बाद CJP नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किए और अपने विचार रखे। अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी भारत के लिए शर्मिंदगी का कारण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर डराने और दबदबा दिखाने का आरोप भी लगाया। ये टिप्पणियां दीपके के अपने राजनीतिक विचार हैं।
अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, बोले- CJP पीछे नहीं हटेगी
रिहाई के बाद अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी अपने विरोध प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि 10 अक्टूबर को तानाशाही के अंत की शुरुआत के तौर पर याद किया जाएगा। उनके इस बयान के जरिए उन्होंने अपने आंदोलन को आगे जारी रखने का संदेश दिया।
दीपके ने यह भी बताया कि उनकी दादी सावित्रीबाई दीपके का निधन हो गया था और उनकी गैर-मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि वह दुख की इस घड़ी में अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव लौट रहे हैं। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि सौरव दास और आशुतोष रांका जल्द ही दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। हालांकि, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
आशुतोष रांका ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा
CJP नेता आशुतोष रांका ने भी रिहाई के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा किया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। रांका ने अपने पोस्ट में उनके खिलाफ बेहद तीखी भाषा का इस्तेमाल किया और कहा कि वह इस मुद्दे पर विरोध जारी रखने के लिए जेल जाने को भी तैयार हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी देश में शांति भंग करने का आरोप लगाया। रांका के बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। हालांकि, उनके आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र रूप से पुष्टि किए गए तथ्य इस खबर में उपलब्ध नहीं हैं।
ध्रुव राठी ने हिरासत के अनुभव को बताया अपहरण
CJP नेताओं के अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस उन्हें सुबह उनके घर से अपने साथ ले गई और देर रात छोड़ दिया।
रिहा होने के बाद ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि उनका अपहरण किया गया था। उन्होंने अपने पोस्ट में समर्थकों का धन्यवाद भी किया और कहा कि वीडियो में वह पूरे मामले की जानकारी दे रहे हैं।
ध्रुव राठी के इस बयान पर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनके अपहरण के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती। इसलिए इस आरोप को उनका दावा बताते हुए ही देखा जाना चाहिए।
जंतर-मंतर प्रदर्शन और हिरासत का मामला चर्चा में
10 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले नेताओं को हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहाई के घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। रिहाई के बाद नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपने विरोध को जारी रखने की बात कही है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में नेताओं के बयान, पुलिस की कार्रवाई और हिरासत के कारण को लेकर आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। CJP नेताओं की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद घटनाक्रम के बारे में और जानकारी सामने आ सकती है।

