Lucknow News: रेरा (RERA) का 5 करोड़ 60 लाख 96 हजार 423 रुपये से ज्यादा का बकाया नहीं चुकाने पर अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को सदर तहसील प्रशासन की टीम ने बिल्डर की करीब 100 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली। इस कार्रवाई में ताज सुशांत सिटी/अंसल एपीआई, मौजा सदरवन में करीब 450 एकड़ जमीन और 17 डबल स्टोरी फ्लैट शामिल हैं।
प्रशासन ने कुर्क की गई संपत्ति की खरीद-बिक्री पर भी रोक लगा दी है। यानी अब संबंधित संपत्ति को न तो बेचा जा सकेगा और न ही उसका हस्तांतरण किया जा सकेगा। प्रशासन का मकसद बकाया रकम की वसूली करना है। अधिकारियों के मुताबिक, आगे इस संपत्ति की नीलामी की कार्रवाई भी की जा सकती है।
RERA के 17 रिकवरी सर्टिफिकेट पर हुई कार्रवाई
एसडीएम सदर विक्रम सिंह राघव ने बताया कि अंसल प्रॉपर्टीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, जिसका कार्यालय नई दिल्ली के कस्तूरबा गांधी मार्ग स्थित संजय भवन में है, के खिलाफ रेरा से वसूली के लिए 17 रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) मिले थे। इन आरसी के तहत बिल्डर से 5.60 करोड़ रुपये से अधिक की मूल बकाया राशि और उस पर ब्याज वसूलना है।
इसी के बाद तहसील सदर की टीम ने बिल्डर की अचल संपत्तियों को चिह्नित कर कुर्क करने की कार्रवाई की। इसमें मौजा सदरवन के खसरा नंबर 18, 17, 13, 14, 15, 336, 335, 334, 309, 333, 332 और 331 के अलावा जऊपुरा के खसरा नंबर 660 में बकायेदार के हिस्से की जमीन शामिल है।
एसडीएम ने साफ किया कि कुर्क की गई संपत्ति का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा। कार्रवाई के दौरान संग्रह प्रभारी मोहम्मद समद्ध मिर्जा, अमीन प्रवीन मिश्रा, नीरज त्रिपाठी, मनोज दुबे, रामप्रताप पांडेय, सचिन तिवारी और मनोज तिवारी समेत राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।
150 बैंक खाते कुर्क करने पर भी नहीं मिली रकम
अंसल बिल्डर से बकाया वसूलने के लिए प्रशासन पहले भी कोशिश कर चुका है। जुलाई में राजस्व विभाग की टीम दिल्ली पहुंची थी और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की कनॉट प्लेस स्थित दो शाखाओं में बिल्डर के 150 बैंक खाते कुर्क किए गए थे। इनमें एक शाखा के 49 और दूसरी शाखा के 101 खाते शामिल थे।
लेकिन प्रशासन को इन खातों से निराशा हाथ लगी। जांच के दौरान खातों में वसूली के लिए पर्याप्त रकम नहीं मिली। इसके बाद अब प्रशासन ने बिल्डर की जमीन और फ्लैटों पर कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, बकाया रकम की वसूली के लिए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
Lucknow में ग्राम समाज की 173 हेक्टेयर जमीन बेचने का मामला
अंसल एपीआई बिल्डर से जुड़ा एक और बड़ा मामला राजधानी लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी से सामने आया है। यहां ग्राम समाज की करीब 173 हेक्टेयर सरकारी जमीन की बिक्री किए जाने का मामला जांच में सामने आया था। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की जांच में जमीन के पुनर्ग्रहण और लीज से जुड़ी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी की बात सामने आई।
जांच के मुताबिक, करीब 85 हेक्टेयर जमीन का दोबारा पुनर्ग्रहण नहीं कराया गया और उस पर दूसरे लोगों को कब्जा देकर भूखंड बेच दिए गए। वहीं, करीब 88 हेक्टेयर पुनर्ग्रहीत ग्राम समाज की जमीन की लीज डीड कराए बिना ही बिक्री कर कब्जा दिए जाने की बात सामने आई। इस तरह कुल करीब 173 हेक्टेयर जमीन के सौदे में जरूरी अनुमति और प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस जमीन की कीमत अरबों रुपये बताई जा रही है।
अब संपत्ति की नीलामी पर प्रशासन की नजर
रेरा के बकाये की वसूली के लिए हुई ताजा कार्रवाई से अंसल बिल्डर पर दबाव बढ़ गया है। पहले बैंक खातों में रकम नहीं मिली और अब जमीन व फ्लैट कुर्क किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, अगला कदम संपत्ति की नीलामी हो सकता है। हालांकि, नीलामी की प्रक्रिया कब शुरू होगी और उससे कितनी रकम वसूल हो पाएगी, इस बारे में अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस रेरा के बकाये की वसूली पर है। आने वाले दिनों में इस मामले में होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

