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UP Election 2027: आकाश आनंद फिर संभालेंगे BSP की कमान, आगरा से उम्मीदवारों के ऐलान की तैयारी

UP Election 2027: मायावती से दोबारा हरी झंडी मिलने के बाद आकाश आनंद यूपी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुट गए हैं। आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ में जनसभाएं करने की तैयारी है। पार्टी नवंबर तक 250 उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की रणनीति पर काम कर रही है।

आकाश आनंद की BSP में वापसी, फिर शुरू होगा चुनाव प्रचार

बहुजन समाज पार्टी (BSP) में वापसी के बाद आकाश आनंद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। पांच अक्टूबर को पार्टी में दोबारा शामिल किए जाने के साथ उन्हें राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। उनकी बुआ और पार्टी प्रमुख मायावती ने उन्हें वे अधिकार भी वापस दे दिए, जो सितंबर में निष्कासन के दौरान छीन लिए गए थे।

अब आकाश आनंद का पूरा फोकस यूपी विधानसभा चुनाव 2027 पर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में वह प्रदेश के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कर सकते हैं। इन सभाओं के जरिए पार्टी उम्मीदवारों के नाम का ऐलान करने और उन्हें जनता के बीच पेश करने की तैयारी है।

आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ में BSP की जनसभाएं

BSP सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद आगरा, अयोध्या और आजमगढ़ के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं कर सकते हैं। इन कार्यक्रमों में मायावती की ओर से तय किए गए उम्मीदवारों की घोषणा की जा सकती है। हालांकि, अभी तक इन जनसभाओं की तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

पार्टी की कोशिश है कि चुनाव से पहले उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए जाएं, ताकि प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार करने और लोगों से जुड़ने का पर्याप्त समय मिल सके।

पहले भी शुरू कर चुके थे यूपी चुनाव की तैयारी

आकाश आनंद ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए जून से ही अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं करनी शुरू कर दी थीं। उन्होंने 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद विधानसभा सीट से प्रचार अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद 25 अगस्त को गौतम बुद्ध नगर की जेवर विधानसभा सीट पर भी जनसभा की थी।

उनकी कुछ और सभाएं भी प्रस्तावित थीं, लेकिन 10 सितंबर को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद उनका प्रचार अभियान रुक गया। मायावती ने आकाश आनंद और उनके ससुर, पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर कर दिया था। बाद में आकाश आनंद की दोबारा पार्टी में वापसी हो गई।

मायावती पहले भी कई बार कर चुकी हैं निष्कासित

आकाश आनंद का पार्टी से बाहर होना और फिर वापसी करना पहली बार नहीं हुआ है। मायावती इससे पहले भी उन्हें पार्टी से निष्कासित कर चुकी हैं। सितंबर में कार्रवाई के दौरान मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा था कि आकाश आनंद को उनके ससुर की तरह पार्टी और आंदोलन के हित में बाहर किया गया है।

आकाश आनंद को 2019 में BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया था। 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी भी घोषित किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। अब आकाश आनंद को फिर से अहम जिम्मेदारी तो मिल गई है, लेकिन उन्हें दोबारा राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया जाएगा या नहीं, इस पर स्थिति साफ नहीं है।

आगरा में BSP उम्मीदवारों के नाम जल्द हो सकते हैं घोषित

आगरा जिले में BSP की चुनावी तैयारियां तेज होने की खबर है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खेरागढ़ के बाद एत्मादपुर विधानसभा सीट के उम्मीदवार का नाम घोषित किया जा सकता है। इसके बाद फतेहपुर सीकरी और फतेहाबाद सीटों पर भी प्रत्याशियों के नाम सामने आ सकते हैं।

BSP ने 16 सितंबर को खेरागढ़ सीट से नीरज रावत को उम्मीदवार घोषित किया था। उस समय आकाश आनंद पार्टी से बाहर थे, इसलिए वह इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। अब उनकी वापसी के बाद उम्मीदवारों की घोषणा और चुनाव प्रचार में तेजी आने की उम्मीद है।

नवंबर तक 250 उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी

BSP आगरा जिले की चार सीटों पर नवंबर तक उम्मीदवार घोषित करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी की नजर दलित, सवर्ण और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने पर है। आगरा उत्तर, आगरा दक्षिण, आगरा ग्रामीण, आगरा छावनी और बाह समेत कई सीटों के लिए दावेदारों की सूची तैयार होने की बात कही जा रही है।

आगरा कभी BSP का मजबूत गढ़ रहा है। 2007 और 2012 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने जिले की नौ सीटों में से छह पर जीत दर्ज की थी। लेकिन 2017 और 2022 के चुनावों में पार्टी यहां एक भी सीट नहीं जीत सकी।

बताया जा रहा है कि BSP अब तक 100 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है और नवंबर तक यह संख्या 250 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

क्या आकाश आनंद BSP को फिर दिला पाएंगे पुराना जनाधार?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आकाश आनंद अपनी चुनावी रणनीति और जनसभाओं के दम पर BSP को उत्तर प्रदेश में दोबारा मजबूत बना पाएंगे? पार्टी के सामने पुराने वोट बैंक को वापस लाने के साथ नए मतदाताओं को जोड़ने की भी चुनौती है। विधानसभा चुनाव 2027 में आकाश आनंद की भूमिका BSP के लिए कितनी अहम साबित होगी, यह आने वाले महीनों में साफ होगा।

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