Gujarat News: गुजरात के बनासकांठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जीवन के अंतिम क्षण तक जनता की सेवा करते रहेंगे। इस दौरान पीएम ने विपक्ष पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया और किसानों के हित में सरकार के काम भी गिनाए।
PM मोदी का खड़गे को जवाब, बोले- आखिरी सांस तक करूंगा देश की सेवा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विवादित टिप्पणी के बाद बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी आखिरी सांस तक देश की जनता की सेवा करते रहेंगे। पीएम मोदी ने यह बात गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलडी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही खड़गे ने बिहार के पटना में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ‘मोदी का बाप भी जाएगा’। इस बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी।
गुजरात में PM मोदी ने किया 14 हजार करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी गुजरात दौरे पर बनासकांठा जिले के भिलडी पहुंचे थे। यहां उन्होंने ‘भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर’ का उद्घाटन किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने करीब 14,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने खड़गे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। पीएम ने कहा कि उनका जीवन देश की जनता के लिए समर्पित है और वह आखिरी समय तक लोगों की सेवा करते रहेंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में क्या कहा था?
दरअसल, 25 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने पटना पहुंचे थे। इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने नारे लगाते हुए कहा कि ‘मोदी कहीं नहीं जाएगा’। इस पर खड़गे ने जवाब देते हुए कहा था, ‘मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया। बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताया, जबकि कांग्रेस ने खड़गे के बयान का बचाव किया।
PM मोदी ने विपक्ष पर लगाया अफवाह फैलाने का आरोप
बनासकांठा की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को देश के मुश्किल दौर से गुजरने पर भी खुशी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान युद्ध के दौरान विपक्ष ने खाद और एलपीजी की कमी को लेकर अफवाहें फैलाईं। पीएम के मुताबिक, विपक्ष ने लोगों के बीच यह डर फैलाने की कोशिश की कि किसानों को खाद नहीं मिलेगी और आम लोगों को रसोई गैस की परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि ऐसा करके कुछ लोग उन्हें बदनाम करना चाहते थे।
किसानों के लिए सरकार ने क्या किया? PM मोदी ने गिनाए काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। वैश्विक हालात के कारण खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार ने इसका सीधा बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस दौरान पीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत छोटे किसानों को अब तक 4.5 लाख करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। पीएम ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
खड़गे के बयान पर कांग्रेस ने किया बचाव
मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने उनका बचाव किया था। पार्टी की ओर से कहा गया कि पटना में कार्यक्रम के दौरान खड़गे को बीच में टोका गया था और उनकी टिप्पणी उसी घटना के जवाब में आई थी। कांग्रेस ने इसे कार्यक्रम में हुई झड़प और नारेबाजी से जोड़कर देखा। हालांकि, बीजेपी ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया और कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना, मर्यादा तोड़ने का लगाया आरोप
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खड़गे के बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी से खड़गे ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दी हैं। शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती रही है। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री की मां का अपमान किया गया, तो कभी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ और ‘चायवाला’ कहकर निशाना बनाया गया।
खड़गे की टिप्पणी से गरमाई सियासत, BJP-कांग्रेस आमने-सामने
मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। गुजरात की रैली में पीएम मोदी के जवाब को इसी राजनीतिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। एक तरफ बीजेपी इसे प्रधानमंत्री के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस अपने अध्यक्ष की टिप्पणी को कार्यक्रम में हुई नारेबाजी की प्रतिक्रिया बता रही है। फिलहाल इस बयानबाजी ने एक बार फिर दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया है।

