UP News: उत्तर प्रदेश में आने वाले त्योहारों को देखते हुए पुलिस विभाग को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद शासन से लेकर थानों तक तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान ड्यूटी पर रहना होगा।
सरकार का मकसद है कि प्रदेश में सभी त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मनाए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि त्योहारों की खुशियों में खलल डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पुलिस की नजर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सुरक्षा सबसे जरूरी है। किसी भी अराजक तत्व को माहौल खराब करने की छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
फेसबुक, एक्स और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने, गलत जानकारी साझा करने या भड़काऊ बयान देकर माहौल बिगाड़ने वालों की पहचान की जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि उपद्रव और अशांति फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
7 नवंबर को दीपोत्सव, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए खास तैयारी
अयोध्या में 7 नवंबर को होने वाले भव्य दीपोत्सव को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात का विशेष इंतजाम किया जाए।
प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना पहले से तैयार करनी होगी। इसकी जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे लोगों को रास्तों में परेशानी न हो।
बाजारों में पुलिस की 24 घंटे निगरानी
धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास 24 घंटे पुलिस की निगरानी होनी चाहिए।
पुलिसकर्मी लगातार पैदल गश्त करेंगे और सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखा जाएगा। वरिष्ठ अधिकारियों को खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की जांच करनी होगी। इसके साथ ही पीआरवी-112 को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता मिल सके।
पटाखा दुकानों के लिए तय होंगे सुरक्षित स्थान
त्योहारों पर पटाखों की बिक्री के दौरान आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी वाले इलाकों में नहीं बनाए जाएं। इन्हें खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही स्थापित किया जाए।
दमकल विभाग को भी पूरी तैयारी के साथ 24 घंटे अलर्ट रहने को कहा गया है। फायर टेंडर और आग बुझाने के जरूरी उपकरण तैयार रखने होंगे, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
त्योहारों पर बिजली-पानी की नहीं होगी किल्लत
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दीपावली और छठ के दौरान गांवों और शहरों में बिना रोस्टर के लगातार बिजली आपूर्ति की जाए। साथ ही लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को त्योहार से पहले मानदेय देने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि त्योहार के समय कर्मचारियों को पैसों की परेशानी न हो।
यूरिया-DAP की जमाखोरी पर होगी FIR
त्योहारों की तैयारियों के साथ मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता पर नजर रखने को कहा गया है। खाद की जमाखोरी करने, कृत्रिम कमी पैदा करने या तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलने वालों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी।
धान खरीद केंद्रों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। धान की तौल पारदर्शी तरीके से की जाए और किसी भी किसान को बिना फसल बेचे वापस न लौटना पड़े।

