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संभल में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जों की जांच शुरू, डीएम-एसपी रहे मौजूद

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कब्रिस्तान की जमीन पर हुए कथित अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जामा मस्जिद के नजदीक स्थित कब्रिस्तान की करीब आठ बीघा भूमि पर हुए अवैध निर्माणों की पैमाइश का कार्य विधिवत रूप से शुरू कर दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे, जिससे पूरे इलाके में प्रशासनिक सक्रियता साफ नजर आई।
तहसीलदार के नेतृत्व में गठित 27 सदस्यीय टीम
इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने किया। उनके नेतृत्व में 27 सदस्यीय टीम का गठन किया गया, जिसमें राजस्व विभाग, नगर पालिका और पुलिस प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित स्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर पैमाइश की प्रक्रिया शुरू की। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया।
मकानों और दुकानों पर फीता डालकर की गई पैमाइश
प्रशासनिक टीम ने कब्रिस्तान की जमीन पर बने मकानों और दुकानों पर फीता डालकर सटीक पैमाइश का कार्य किया। यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति का सही आकलन हो सके। अधिकारियों का कहना है कि जमीन की सीमाओं को स्पष्ट करने के बाद यह तय किया जाएगा कि कहां और कितना अतिक्रमण हुआ है। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम और एसपी ने संभाली स्थिति
पैमाइश कार्य के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान की निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कार्य किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी तरह के विवाद या तनाव को रोकना और नियमों के अनुसार कार्रवाई करना है।
स्थानीय लोगों में चर्चा और सतर्कता
इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोग प्रशासन की इस पहल को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ लोग इसे अवैध कब्जों के खिलाफ जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग अपनी दुकानों और मकानों को लेकर चिंतित नजर आए। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं निर्माणों पर कार्रवाई होगी, जो जांच में अवैध पाए जाएंगे।
आगे की कार्रवाई के संकेत
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पैमाइश पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि अवैध कब्जों की पुष्टि होती है, तो उन्हें हटाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। जिला प्रशासन ने यह भी दोहराया है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों की भूमि की सुरक्षा करना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस पूरी कार्रवाई से साफ है कि संभल प्रशासन अवैध अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से ले रहा है और नियमों के तहत ठोस कदम उठाने के लिए तैयार है।

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