Arvind Kejriwal: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर अपनी चुनावी हार को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। शिवसेना नेता संजय राउत की पुस्तक विमोचन के अवसर पर बोलते हुए केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा सीट पर हुई अपनी शिकस्त के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब वे जेल में थे, तब उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया।
नई दिल्ली सीट पर चुनावी हार और मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने अपनी हार को ‘बेईमानी’ का परिणाम बताते हुए आंकड़े पेश किए। उन्होंने दावा किया कि जेल जाने से पहले उनकी सीट पर उन्हें भारी जनसमर्थन प्राप्त था, लेकिन साजिश के तहत उनके वोट काट दिए गए। केजरीवाल के अनुसार, “पिछली बार मुझे 1.48 लाख वोट मिले थे, लेकिन जब मैं जेल से बाहर आया तो संख्या घटकर 1.06 लाख रह गई।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके विधानसभा क्षेत्र से लगभग 42 हजार वोट (30 प्रतिशत) जानबूझकर कटवा दिए गए, जिसके चलते वे मात्र 3000 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करार दिया।
प्रधानमंत्री की गिरती लोकप्रियता और 2026 तक सरकार गिरने की भविष्यवाणी
केंद्र सरकार के भविष्य पर टिप्पणी करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता अब अपने निचले स्तर पर पहुंच चुकी है। उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार वर्ष 2026 का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि अगर जनता का समर्थन नहीं है, तो भाजपा चुनाव कैसे जीत रही है? इसके जवाब में उन्होंने ईवीएम में हेराफेरी, फर्जी वोटिंग और विपक्षी समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कराने जैसे चुनावी कदाचार (Election Malpractice) के गंभीर आरोप लगाए।
स्वतंत्रता सेनानी के रूप में अपनी भूमिका और जेल यात्रा का जिक्र
कथित शराब घोटाले में जेल जाने की घटना को केजरीवाल ने एक गौरवपूर्ण संघर्ष के रूप में पेश किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जब भविष्य में इस सरकार के दौर का इतिहास लिखा जाएगा, तो उनका नाम भी ‘फ्रीडम फाइटर’ (स्वतंत्रता सेनानी) की सूची में शामिल होगा। उन्होंने कहा, “जब देश को इस दमनकारी शासन से मुक्ति मिलेगी, तब लोग याद करेंगे कि हमने भी इस लड़ाई में योगदान दिया था और जेल गए थे।” उन्होंने अपनी तुलना उन सेनानियों से की जिन्होंने देश की लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बचाने के लिए संघर्ष किया।
भाजपा शासन के 12 वर्षों का विश्लेषण और ‘काले अक्षरों’ वाला इतिहास
केजरीवाल ने भाजपा के पिछले 12 वर्षों के शासनकाल की कड़ी आलोचना करते हुए इसे देश के इतिहास का ‘अंधकारमय अध्याय’ बताया। उन्होंने कहा कि जनता ने तीन बार भाजपा को प्रचंड बहुमत दिया, लेकिन इस अवसर का उपयोग देश के विकास के बजाय विपक्ष को कुचलने में किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार का पूरा कालखंड इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जनहित के कार्यों के बजाय केवल सत्ता हथियाने के लिए अनैतिक हथकंडे अपनाए हैं।
विपक्षी एकजुटता और लोकतंत्र बचाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर लड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने संजय राउत और शिवसेना के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि आज देश में जो भी आवाज उठाता है, उसे जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे वोटिंग के दौरान सजग रहें ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों (Democratic Values) की रक्षा की जा सके। केजरीवाल के इन तीखे तेवरों ने दिल्ली और देश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है।
