नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। उनकी जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि वह फिलहाल जेल में ही रहेंगे। आसाराम के खिलाफ यह मामला जोधपुर के एक आश्रम में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में दर्ज किया गया था, जिसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
सुप्रीम कोर्ट की शर्तों का उल्लंघन और सरकारी वकील का विरोध
आसाराम ने अपनी जमानत याचिका में कोर्ट से राहत की मांग की थी, लेकिन सरकारी वकील ने इसका विरोध करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित की गई शर्तों का उल्लंघन हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सजा के बाद किसी भी प्रकार की जमानत पर कुछ विशेष शर्तें निर्धारित की थीं, जिनका पालन आसाराम ने नहीं किया। सरकारी वकील के इस तर्क के आधार पर राजस्थान हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
गुजरात हाईकोर्ट से मिली थी तीन महीने की जमानत, जोधपुर मामले में राहत नहीं
इससे पहले, गुजरात हाईकोर्ट ने आसाराम को तीन महीने की जमानत दी थी, जिसके बाद वह कुछ समय के लिए जेल से बाहर थे। हालांकि, जोधपुर मामले में यह जमानत राहत नहीं दे सकी, और वह फिर से अपनी सजा काटने के लिए जेल में ही रहेंगे। जोधपुर में इस मामले की सुनवाई जारी है, और आसाराम को अभी तक वहां से कोई विशेष राहत नहीं मिल पाई है।
स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती आसाराम
आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें आयुर्वेद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में इलाज की आवश्यकता महसूस हुई थी। इस समय उनका इलाज चल रहा है, लेकिन उनकी जमानत याचिका के खारिज होने के बाद भी जेल में रहना तय है। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद, वह जेल से बाहर नहीं जा सकेंगे, क्योंकि उनकी जमानत को कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।
अगली सुनवाई 7 अप्रैल को
आसाराम के मामले में अगली सुनवाई 7 अप्रैल 2025 को होगी। इस तारीख को कोर्ट में मामले पर फिर से विचार किया जाएगा और जो भी नया पक्ष सामने आएगा, उस पर चर्चा की जाएगी। फिलहाल, आसाराम को जेल में रहकर अपनी सजा काटनी होगी, और उनके समर्थकों को भी इस मामले में किसी बड़ी राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है।