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बजट 2026: सरकार के बड़े फैसले, दवाइयों के दाम घटे, इनकम टैक्स में राहत नहीं, STT टैक्स बढ़ा

Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश कर दिया है। इस बजट में सरकार ने आम जनता, गरीब वर्ग और जरूरतमंद तबकों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं, लेकिन मिडिल क्लास को इनकम टैक्स के मोर्चे पर इस बार भी निराशा हाथ लगी। जहां एक ओर दवाइयों को सस्ता करने जैसे फैसलों से आम आदमी को राहत देने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर टैक्स का बोझ बढ़ा दिया गया है।
दवाइयों के दाम घटाकर आम जनता को राहत
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को खास तवज्जो दी गई है। सरकार ने कई आवश्यक और जीवनरक्षक दवाइयों पर टैक्स घटाने का ऐलान किया है, जिससे इनकी कीमतें कम होंगी। इसका सीधा फायदा गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को मिलेगा, जो लंबे समय से दवाइयों की बढ़ती कीमतों से परेशान थे। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ होंगी और इलाज का खर्च कम होगा।
इसके साथ ही हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने की भी घोषणा की गई है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं, मिडिल क्लास मायूस
बजट 2026 से सबसे ज्यादा उम्मीदें मिडिल क्लास को थीं, खासकर इनकम टैक्स में छूट को लेकर। हालांकि, वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में किसी तरह के बदलाव का ऐलान नहीं किया। इससे नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग के करदाताओं को एक बार फिर निराशा झेलनी पड़ी है।
महंगाई और रोजमर्रा के खर्च बढ़ने के बीच टैक्स में राहत न मिलने से मिडिल क्लास पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स में छूट न देने का फैसला सरकार की राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा है।
शेयर बाजार निवेशकों को झटका, STT टैक्स बढ़ा
बजट 2026 में शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार ने फ्यूचर एंड ऑप्शन (F&O) सेगमेंट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है। इससे खासतौर पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों पर अतिरिक्त टैक्स बोझ पड़ेगा।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अत्यधिक सट्टेबाजी को नियंत्रित करना और बाजार में स्थिरता बनाए रखना है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ट्रेडिंग गतिविधियों पर असर पड़ सकता है और छोटे निवेशकों को नुकसान हो सकता है।
गरीब और कमजोर वर्ग पर सरकार का फोकस
बजट 2026 में सरकार ने गरीब, किसान और कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया है। सब्सिडी, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक संतुलन बनाए रखना है।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में आम आदमी और गरीब वर्ग के लिए कुछ राहत जरूर दी गई है, लेकिन मिडिल क्लास और शेयर बाजार निवेशकों के लिए यह बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। अब आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन फैसलों का अर्थव्यवस्था और आम जनता की जेब पर क्या असर पड़ता है।

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