Chaitra Navratri Ghatasthapana: चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में अत्यंत महत्व रखने वाला पर्व है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना की जाती है। 2025 में यह पर्व 30 मार्च से शुरू हो रहा है और 9 अप्रैल तक चलेगा। इस अवसर पर कलश स्थापना की परंपरा का विशेष महत्व है, जो पहले दिन की जाती है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कब है और इस कार्य के लिए कौन सी सामग्री की आवश्यकता होती है।
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान का महत्व
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत से पहले यह जरूरी है कि आप सही समय पर स्नान करें और शुभ कार्य की शुरुआत करें। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करते समय दिशा, समय और कलश की धातु का ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है। हिन्दू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त को स्नान के लिए सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है।
इस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 04:41 AM से लेकर 05:27 AM तक रहेगा। इसलिए, जो लोग कलश स्थापना करने जा रहे हैं, उन्हें इस समय में स्नान करके तैयार हो जाना चाहिए।
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना की जरूरी सामग्री
मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र: सबसे पहले मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र घर में लाएं। इसके साथ ही एक नई लाल चुनरी और लाल साड़ी भी लाएं।
आसन और श्रृंगार सामग्री: मां दुर्गा को विराजमान करने के लिए आसन और श्रृंगार सामग्री लाना आवश्यक है।
तांबे का कलश: कलश स्थापना के लिए तांबे का कलश होना चाहिए।
आम के पत्ते, अक्षत, रोली, चंदन, शहद, लाल सिंदूर: इन चीजों से कलश को अच्छे से स्थापित किया जा सकता है।
रक्षा सूत्र, गंगाजल, पीला वस्त्र: कलश स्थापना के लिए इन वस्तुओं की भी आवश्यकता होती है।
प्रसाद: पूजा के लिए मिठाइयाँ, जौ, पंचधन्य, पंचमेवा, गूगल, लोबान, माचिस आदि लाना चाहिए।
माला और फूल: माता के लिए फूलों की माला, विशेष रूप से गुड़हल का फूल लाना जरूरी है।
आरती सामग्री: पान, सुपारी, लौंग, इलायची, रुई, कपूर, गाय का घी, धूप, अगरबत्ती, दीपक – इन सभी चीजों की आवश्यकता होती है।
नारियल: सूखा नारियल और जटावाला नारियल लाकर माता की पूजा करें।
माता रानी का ध्वज: पूजा के समय मां का ध्वज भी रखना चाहिए।
चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 2025
इस साल चैत्र नवरात्रि में कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इन मुहूर्तों में से आप किसी भी समय कलश स्थापित कर सकते हैं, लेकिन विशेष ध्यान रखना चाहिए कि विधिपूर्वक यह कार्य किया जाए।
पहला शुभ मुहूर्त: सुबह 6:13 AM से लेकर 10:22 AM तक।
दूसरा शुभ मुहूर्त (अभिजीत मुहूर्त): दोपहर 12:01 PM से लेकर 12:50 PM तक।
इन मुहूर्तों में कलश स्थापित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।