Hindu Nav Varsh: भारत की धरती आज एक साथ कई सांस्कृतिक उत्सवों की साक्षी बन रही है। देश के कोने-कोने में गुड़ी पड़वा, चैत्र नवरात्रि, उगादी, साजिबू चेइराओबा, चेटी चांद और नवरेह जैसे पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाए जा रहे हैं। ये त्यौहार न केवल हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक हैं, बल्कि देश की अखंडता और सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाते हैं। इस अवसर पर देश के शीर्ष राजनेताओं ने जनता के साथ खुशियां साझा की हैं।
राहुल गांधी का शुभकामना संदेश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। उन्होंने अपने संदेश में विशेष रूप से इन पर्वों के महत्व पर जोर देते हुए लिखा कि ये शुभ अवसर सभी के जीवन में “खुशी, समृद्धि और नई शुरुआत” का संचार करें। राहुल गांधी ने गुड़ी पड़वा से लेकर नवरेह तक के सभी क्षेत्रीय नव वर्ष उत्सवों का उल्लेख करते हुए समावेशी संस्कृति का सम्मान किया।
प्रियंका गांधी का भावुक पोस्ट
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस पावन अवसर पर देश की जनता को बधाई दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में उल्लेख किया कि वसंत ऋतु के आगमन और विक्रम संवत-2083 के स्वागत में मनाए जाने वाले ये पर्व भारत की गौरवशाली परंपरा और विविधता के जीवंत प्रतीक हैं। प्रियंका ने विशेष रूप से चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए मां दुर्गा के नौ रूपों की वंदना की और सभी के लिए शांति व समृद्धि की प्रार्थना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंगलकामनाएं
देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी चैत्र शुक्लादि और अन्य क्षेत्रीय पर्वों पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि भारत के अलग-अलग राज्यों में मनाए जाने वाले ये नए साल के त्यौहार हमारी साझा सांस्कृतिक विरासत को और अधिक मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह नया संवत्सर सभी नागरिकों के जीवन में “समृद्धि और नई उम्मीदों” का उजाला लेकर आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आध्यात्मिक संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के प्रथम दिन देवी शैलपुत्री की आराधना करते हुए देशवासियों के मंगल की कामना की। पीएम मोदी ने ‘X’ पर अलग-अलग भाषाओं और पोस्ट के जरिए उगादी, गुड़ी पड़वा और चेटी चांद की बधाई दी। उन्होंने प्रार्थना की कि मां दुर्गा का आशीर्वाद सभी के जीवन में अनुशासन, शांति और अटूट सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे। प्रधानमंत्री के संदेशों में आध्यात्मिक अनुशासन और राष्ट्र की प्रगति की झलक साफ दिखाई दी।
वसंत के रंग और आध्यात्मिक तरंग
आज का दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उत्तर भारत में जहाँ नवरात्रि की धूम है, वहीं महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और दक्षिण में उगादी की रौनक देखते ही बनती है। राजनेताओं के इन संदेशों ने त्योहारों के उत्साह को और द्विगुणित कर दिया है, जिससे स्पष्ट होता है कि विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

