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Chardham Yatra पर मंडराए संकट के बादल! पंजीकरण में 6 लाख की भारी गिरावट, पर्यटन उद्योग में हड़कंप

Chardham Yatra: उत्तराखंड की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘चारधाम यात्रा’ इस वर्ष एक कठिन दौर से गुजर रही है। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली इस पावन यात्रा पर वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आशंकाओं ने गहरा असर डाला है। श्रद्धालुओं के उत्साह में आई कमी ने न केवल सरकार बल्कि स्थानीय व्यवसायियों की रातों की नींद उड़ा दी है।

पंजीकरण के आंकड़ों में ऐतिहासिक गिरावट

चारधाम यात्रा के लिए इस वर्ष पंजीकरण के आंकड़ों (Registration Data) में चौंकाने वाली कमी दर्ज की गई है। पिछले साल शुरुआती 26 दिनों में ही जहाँ 17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष यह संख्या सिमटकर मात्र 11,07,841 रह गई है। पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 6 लाख कम रजिस्ट्रेशन होना राज्य के पर्यटन उद्योग के लिए खतरे की घंटी है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण चारधाम तीर्थाटन के प्रति इस बार वह पुराना जोश दिखाई नहीं दे रहा है।

वैश्विक युद्ध और ईंधन की बढ़ती कीमतों का पर्यटन व्यवसाय पर गहरा असर

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने स्थानीय ट्रैवल और होटल कारोबारियों (Tourism Stakeholders) का गणित पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पर्यटन व्यवसायी दीपक बिष्ट के अनुसार, युद्ध की स्थिति में डीजल और पेट्रोल के दामों में कभी भी भारी उछाल आ सकता है। इसी डर से ट्रैवल ऑपरेटरों ने वर्तमान दरों पर एडवांस बुकिंग (Advance Booking) लेने से हाथ खींच लिए हैं। होटल संचालकों का कहना है कि कपाट खुलने की तिथि घोषित होने पर जो शुरुआती तेजी देखी गई थी, वह अब थम सी गई है और कई पुरानी बुकिंग्स को भी ‘होल्ड’ पर डाल दिया गया है।

लगातार दूसरे साल अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता की मार झेलता चारधाम मार्ग

उत्तराखंड का पर्यटन क्षेत्र लगातार दूसरे वर्ष (Consecutive Crisis) गंभीर संकट का सामना कर रहा है। ज्ञात हो कि वर्ष 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव ने यात्रा को बुरी तरह प्रभावित किया था। अब 2026 में ईरान-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता ने यात्रा शुरू होने से पहले ही बाधाएं खड़ी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल का सीधा असर देवभूमि की यात्रा व्यवस्थाओं और यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या पर पड़ रहा है, जिससे करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।

कमर्शियल गैस की किल्लत और बुनियादी सुविधाओं का गहराता संकट

रजिस्ट्रेशन में कमी के साथ-साथ अब बुनियादी सुविधाओं (Infrastructure & Amenities) का अभाव भी सामने आने लगा है। ऋषिकेश, श्रीनगर और रुद्रप्रयाग जैसे प्रमुख यात्रा पड़ावों पर होटल व रेस्टोरेंट संचालक कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत से जूझ रहे हैं। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने चिंता जताते हुए कहा है कि यदि गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो यात्रियों को भोजन और अन्य आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना असंभव हो जाएगा। यह संकट यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है।

हेलीकॉप्टर बुकिंग में बढ़ता ‘साइबर फ्रॉड’ और प्रशासन की सख्त चेतावनी

यात्रा के नाम पर श्रद्धालुओं को निशाना बनाने वाले साइबर ठगों (Cyber Fraud in Chardham) की सक्रियता ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। फर्जी वेबसाइटों के जरिए हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी की जा रही है। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि तीर्थयात्री केवल आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही बुकिंग करें। किसी भी अनधिकृत लिंक या व्यक्ति को भुगतान करने से बचें, ताकि आपकी आस्था का लाभ अपराधी न उठा सकें।

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