You are currently viewing दिल्ली की हवा बनी ‘ज़हर’ — डॉक्टरों ने दी चेतावनी, कहा — “6 से 8 हफ्तों के लिए शहर छोड़ दें”

दिल्ली की हवा बनी ‘ज़हर’ — डॉक्टरों ने दी चेतावनी, कहा — “6 से 8 हफ्तों के लिए शहर छोड़ दें”

Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर प्रदूषण की चपेट में है। दिवाली से पहले ही शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुँच चुका है। प्रदूषण के इस भयावह स्तर ने राजधानी के निवासियों को सांस लेने तक में कठिनाई पैदा कर दी है। हालात इतने गंभीर हैं कि डॉक्टरों ने नागरिकों को 6 से 8 सप्ताह तक दिल्ली छोड़ने की सलाह दी है।

सांस लेना हुआ मुश्किल, अस्पतालों में बढ़े मरीज

दिल्ली और एनसीआर के अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से सांस, खांसी, अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार, खराब हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) शरीर के फेफड़ों में गहराई तक जाकर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

खास तौर पर बच्चे, बुज़ुर्ग और हृदय रोगी इस प्रदूषण से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।.डॉक्टरों का कहना है कि लगातार प्रदूषित हवा में रहना शरीर के लिए धीरे-धीरे जहर लेने जैसा है।
इससे दिल का दौरा, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा का अटैक और आंखों में जलन जैसी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं।

चिकित्सकों की सख्त चेतावनी

प्रमुख श्वसन विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली की हवा फिलहाल इतनी खराब हो चुकी है कि स्वस्थ व्यक्ति भी बीमार हो सकते हैं। डॉक्टरों ने विशेष रूप से सलाह दी है कि बच्चे और बुज़ुर्ग खुले में खेलने या व्यायाम करने से बचें।

जिनकी सेहत पहले से कमजोर है, वे अगले 6–8 हफ्तों के लिए दिल्ली या एनसीआर से बाहर निकलने पर विचार करें।

घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग बढ़ाएँ और बाहर जाते समय N-95 मास्क पहनें।

पहाड़ों की ओर बढ़ रहे लोग

दिल्ली की बिगड़ती हवा के बीच, लोग अब स्वच्छ हवा की तलाश में पहाड़ों का रुख कर रहे हैं।ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर जैसे क्षेत्रों की बुकिंग में 40–50% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।कई लोग दूरस्थ कार्य (वर्क फ्रॉम माउंटेन) की सुविधा का लाभ उठाकर अस्थायी रूप से दिल्ली छोड़ रहे हैंएयरलाइंस और वॉल्वो सेवाओं में भी उत्तर भारत के हिल स्टेशनों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गई है।

सरकार और प्रशासन की तैयारी

दिल्ली सरकार ने भी हालात को गंभीर मानते हुए ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP)’ लागू किया है। इसके तहत

निर्माण कार्यों पर रोक
स्कूलों को ऑनलाइन मोड में भेजने की तैयारी,

और वाहनों के लिए प्रतिबंध जैसी व्यवस्थाएँ लागू की जा रही हैं।
हालाँकि विशेषज्ञों का कहना है कि ये कदम तात्कालिक राहत तो दे सकते हैं, लेकिन समस्या की जड़ – यानी पराली जलाना, धूल और वाहन उत्सर्जन – पर दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता है।

Spread the love

Leave a Reply