Eid ul Fitr 2025:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 2025 में ईद उल फितर के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने इसे एकता, सद्भाव और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक बताया, जो समाज में मिलजुल कर रहने की भावना को प्रोत्साहित करता है।
राज्यपाल का संदेश: भाईचारा और प्रेम की शक्ति
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने संदेश में कहा कि ईद उल फितर केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारे, प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवसर पर सभी को आपसी मतभेदों को भूलकर एकजुटता और प्यार के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे ईद के दिन को समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने के लिए समर्पित करें और इसे भाईचारे की भावना को और मजबूत करने का अवसर मानें।
मुख्यमंत्री का संदेश: खुशी और मेल-मिलाप का पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में ईद उल फितर को खुशी और मेल-मिलाप का त्योहार बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार हमें अपने दिलों में भाईचारे और प्रेम को बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस पर्व पर हमें सद्भावना और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए ताकि समाज में एकता बनी रहे और हम सब मिलकर एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि ईद उल फितर का यह पर्व सभी को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी एकजुट करता है। यह दिन हमें अपने भीतर की अच्छाई को पहचानने और दूसरों के प्रति सहानुभूति और प्रेम का भाव विकसित करने की प्रेरणा देता है।
सार्वजनिक जीवन में सामूहिक एकता का महत्व
ईद उल फितर का पर्व इस बात को याद दिलाता है कि चाहे धर्म, जाति, या संप्रदाय कोई भी हो, सभी को एक साथ मिलकर समाज में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाना चाहिए। इस दिन की विशेषता यह है कि यह हर व्यक्ति को अपने आस-पास के लोगों के साथ अच्छे संबंध बनाने और उन रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईद के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस पर्व को एकता और प्रेम के साथ मनाएं और समाज में अमन-चैन बनाए रखने का संकल्प लें।
ईद उल फितर के अवसर पर बधाइयां और संदेश
ईद उल फितर एक ऐसा त्योहार है जो समाज में भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संदेश यह बताते हैं कि इस त्योहार को केवल धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि समाज की एकता और मिलजुल कर रहने की भावना को बढ़ावा देने के रूप में भी मनाना चाहिए। यह त्योहार हमें अपने समाज को और अधिक संगठित और सामंजस्यपूर्ण बनाने की प्रेरणा देता है।