दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुँचने के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए राजधानी के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में सभी प्रकार की आउटडोर गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह निर्णय न केवल खेलकूद, पीटी और अन्य बाहरी गतिविधियों पर लागू होगा, बल्कि स्कूल परिसर में होने वाली ऐसी किसी भी गतिविधि पर भी लागू होगा जिसमें छात्रों को खुले वातावरण में रहना पड़ता है।
AQI 400 के पार, सुप्रीम कोर्ट की चिंता के बाद बड़ा निर्णय
हाल के दिनों में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच चुका है, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी माना जाता है। इस स्तर पर प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए बेहद खतरनाक हो जाता है।
इसी स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी कड़ी चिंता व्यक्त की, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने तुरंत एक अहम कदम उठाया।
19 नवंबर 2025 को उच्च स्तर की बैठक में बच्चों की सेहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह आवश्यक निर्णय लिया गया कि प्रदूषण स्तर सामान्य होने तक स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों को रोक दिया जाए।
शिक्षा निदेशालय ने जारी किए सख्त निर्देश
दिल्ली के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) ने सभी स्कूल प्रबंधन को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि:
किसी भी प्रकार की आउटडोर गतिविधि जैसे खेल, दौड़, पीटी, सांस्कृतिक कार्यक्रम या सभा तुरंत रोकी जाए।
यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों को बच्चों के लिए वैकल्पिक इनडोर गतिविधियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बच्चों को प्रदूषित हवा के सीधे संपर्क से बचाना बेहद आवश्यक है, इसलिए नियमों का पालन करवाना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
बच्चों की सेहत पर सबसे अधिक खतरा
चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर प्रदूषण का सबसे अधिक दुष्प्रभाव बच्चों पर पड़ता है क्योंकि:
उनके फेफड़े अभी विकसित हो रहे होते हैं,
वे वयस्कों की तुलना में अधिक हवा अंदर लेते हैं,
और प्रदूषण उनके फेफड़ों में स्थायी नुकसान कर सकता है।
इसी वजह से विशेषज्ञ भी लगातार सलाह दे रहे थे कि स्कूलों में बच्चों को बाहरी वातावरण से दूर रखा जाए। सरकार के इस फैसले को अभिभावक भी राहत के रूप में देख रहे हैं।
सरकार के आगे के कदम
सूत्रों के अनुसार, सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए और भी उपाय लागू कर सकती है, जैसे:
निर्माण कार्यों पर सख्ती,
सड़क पर पानी का छिड़काव,
चीफ-मंत्रालय स्तर पर समीक्षा बैठकें,
और जरूरत पड़ने पर वाहन प्रतिबंध संबंधी कदम।
सरकार ने कहा है कि हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी और स्थिति सामान्य होने पर ही आउटडोर गतिविधियाँ दोबारा शुरू करने की अनुमति मिलेगी।

